नयी दिल्ली, 28 मई (भाषा) ओडिशा और महाराष्ट्र के कोयला गैसीकरण परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए राज्य-स्तरीय प्रोत्साहन योजनाओं की शुरुआत करने के बाद केंद्र सरकार अब छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, झारखंड, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और असम जैसे अन्य प्रदेशों को भी इसी तरह की योजनाएं लागू करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
यह घटनाक्रम पश्चिम एशिया संकट और वैश्विक तनाव के कारण ईंधन बाजार में बढ़ती अस्थिरता के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कोयला सचिव विक्रम देव दत्त ने कोयला/लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं को बढ़ावा देने संबंधी योजना के रोड शो में कहा, ‘‘हमने राज्यों के साथ प्रभावी ढंग से बातचीत की है। उनमें से कुछ राज्यों ने यह समझने में सक्रियता दिखाई है कि कोयला गैसीकरण ही भविष्य है और उन्हें राज्य स्तर पर ऐसे प्रोत्साहनों का खाका तैयार करने की आवश्यकता है जो उद्योग को बड़े पैमाने पर कोयला गैसीकरण परियोजनाएं स्थापित करने के लिए आकर्षित और प्रोत्साहित कर सकें।’
उन्होंने कहा कि ओडिशा और महाराष्ट्र सरकारों ने इस दिशा में सक्रिय पहल की है और वहां योजनाएं लागू कर दी गई हैं।
दत्त ने कहा कि केंद्र सरकार की नई योजना के तहत संयंत्र और मशीनरी पर पूंजीगत सहायता दी जाएगी, जबकि राज्य स्तरीय प्रोत्साहन योजनाएं इन परियोजनाओं की परिचालन लागत कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
उन्होंने कहा, ‘‘राज्यों के साथ हमारी बातचीत काफी सक्रिय है। हमें लगता है कि छत्तीसगढ़ में प्रोत्साहन योजना पर काम अंतिम चरण में है। मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश के साथ भी इस विषय पर चर्चा की गई है।’’
कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, झारखंड, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और असम जैसे राज्यों के साथ लगातार बातचीत कर रही है ताकि वे भी कोयला गैसीकरण को बढ़ावा देने के लिए राज्य स्तरीय योजनाएं लागू करें।
उन्होंने कहा, ‘‘हम राज्य सरकारों से लगातार बात कर रहे हैं… हमें उम्मीद है कि ये राज्य भी जल्द ऐसी प्रोत्साहन योजनाएं लेकर आएंगे।’’
भाषा योगेश अजय
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