कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र भारत-अमेरिकी गठजोड़ को सुदृढ़ करेगा: अरकंसास गवर्नर

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कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र भारत-अमेरिकी गठजोड़ को सुदृढ़ करेगा: अरकंसास गवर्नर

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  • Publish Date - September 28, 2020 / 01:37 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:14 PM IST

ह्यूस्टन (अमेरिका), 28 सितंबर (भाषा) अमेरिका और भारत के बीच ‘ऐतिहासिक’ रिश्ते को कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में बढ़ते सहयोग के साथ और मजबूत किया जा सकता है। अरकंसास राज्य के गवर्नर असा हचिंसन ने यह बात कही है।

‘भारत- अरकंसास साझेदारी : खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स और विनिर्माण’ विषय पर आयोजित वेबिनार में भाग लेते हुए गवर्नर हचिंसन ने कहा कि अरकंसास और भारत में व्यापार के अवसर हैं और उनमें सहयोग दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए फायदेमंद होगा।

हचिंसन ने बुधवार को कहा, ‘‘हमने भविष्य के लिए एक अविश्वसनीय नींव रखी है। और यह नींव लोकतंत्र के प्रति हमारी प्रतिबद्धता, उद्यमशीलता, व्यवसाय और व्यापार के लिए हमारे आपसी प्रेम पर आधारित है।’’

भारत सरकार द्वारा आयोजित वेबिनार में हचिंसन के अलावा, भारत में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की सचिव पुष्पा सुब्रह्मण्यम और ह्यूस्टन में भारत के महावाणिज्य दूत असीम आर महाजन ने भाग लिया।

गवर्नर ने अक्टूबर, 2019 में भारत की अपनी यात्रा का स्मरण किया। उन्होंने कहा, ‘‘हमने अपनी ‘अतुल्य भारत यात्रा’ के दौरान कई कंपनियों से मुलाकात की, जिनमें कपड़ा से लेकर इस्पात और प्रौद्योगिकी कंपनियां तक शामिल थीं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कृषि आर्थिक रूप से हमारे लिए सबसे पहले है, खाद्य प्रसंस्करण हमारे लिए स्वाभाविक है, इसके बाद इस्पात उद्योग है। हमारे पास बिग रिवर स्टील, नकोर-यामातो स्टील कंपनी जैसी प्रमुख इस्पात मिलें हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वैमानिकी और रक्षा उद्योग हमारी अर्थव्यवस्था का एक अन्य प्रमुख हिस्सा है। लॉकहीड मार्टिन, डसॉल्ट फाल्कन, एयरोजेट रॉकेटडेन, रेथियॉन मिसाइल सिस्टम, जनरल डायनेमिक्स जैसी कंपनियां हैं। भारत में महत्वपूर्ण निवेश और साझेदारी रखने वाली टायसन और वॉलमार्ट जैसी बड़ी कंपनियां यहां स्थित हैं।’’

हचिसन ने ‘‘अरकंसास में जीवंत और महत्वपूर्ण भारतीय-अमेरिकी समुदाय का भी उल्लेख किया, जो सभी प्रमुख क्षेत्रों, विशेष रूप से चिकित्सा, शिक्षा में योगदान करते हैं।’’

महावाणिज्य दूत महाजन ने कहा, ‘‘हम आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए गवर्नर हचिंसन के समर्थन को गहराई से महत्व देते हैं, जिसके परिणामस्वरूप आठ प्रमुख भारतीय कंपनियों ने सूचना प्रौद्योगिकी, विनिर्माण और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में लगभग 1,700 नौकरियों का सृजन करते हुए अरकंसास में 39.2 करोड़ डॉलर से अधिक का निवेश किया है।’’

भारत में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के बारे में जानकारी देते हुए सचिव सुब्रह्मण्यम ने कहा, ‘‘भारत में चैंपियन क्षेत्रों में से एक, खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को माना जाता है जहां नीतिगत बदलाव हुए हैं। इनमें अड़चनों को दूर करने के उपाय, राजकोषीय उपायों द्वारा तेजी से निवेश और बेहतर सुविधा वाला वातावरण बनाया जाना शामिल है।’’

भारत सरकार द्वारा संसद के मानसून सत्र में खेती के कामकाज से संबंधित तीन विधेयकों को पिछले सप्ताह पारित कराया गया जिनके बारे में उन्होंने कहा कि ये विधेयक देश के कृषि क्षेत्र में क्रांति लाएंगे।

सुब्रह्मण्यम ने कहा कि हमें उम्मीद है कि अरकंसास और अमेरिका से निवेश और बढ़ेगा तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय की मदद हमें मजबूत सहयोगी की भूमिका निभाने में सक्षम बनाएगी।’’

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय

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