बिहार में जल्द बनेगी कृषि निर्यात नीति : मंत्री

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बिहार में जल्द बनेगी कृषि निर्यात नीति : मंत्री

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  • Publish Date - February 6, 2026 / 07:14 PM IST,
    Updated On - February 6, 2026 / 07:14 PM IST

पटना, छह फरवरी (भाषा) बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार शीघ्र ही बिहार कृषि निर्यात नीति बनाने जा रही है, ताकि किसानों की उपज केवल मंडियों तक सीमित न रहकर सीधे व्यावसायिक बाजारों तक पहुंच सके।

उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में बिहार का मखाना, शहद, फल, सब्जियां, मसाले और अन्य विशिष्ट उत्पाद वैश्विक स्तर पर पहचान बनाएंगे।

मंत्री ने कहा कि बिहार कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था वाला प्रदेश है और यहां खेती अब नए युग में प्रवेश कर रही है। यह सिर्फ बदलाव नहीं, बल्कि नवजागरण का काल है, जहां किसान केवल उत्पादक ही नहीं, बल्कि उद्यमी और निर्यातक भी बनेंगे।

यादव पटना के गांधी मैदान में कृषि विभाग के उद्यान निदेशालय की ओर से आयोजित तीन दिवसीय बागवानी दिवस महोत्सव के उद्घाटन के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि बिहार में राष्ट्रीय मखाना बोर्ड का गठन हो चुका है और देश में मखाने का लगभग 80 प्रतिशत उत्पादन राज्य में होता है। मखाना अब परंपरागत खेती से आगे बढ़कर प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और निर्यात के नए दौर में प्रवेश कर रहा है।

मंत्री ने कहा कि भागलपुर का जर्दालु आम, शाही लीची, कतरनी चावल, मगही पान, मखाना और मर्चा धान जैसे राज्य के कई कृषि उत्पादों को भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग मिल चुका है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का सपना है कि हर भारतीय की थाली में कम से कम एक बिहारी व्यंजन हो। इस लक्ष्य को साकार करने के लिए कृषि विभाग लगातार काम कर रहा है। आने वाले समय में हर जिले की एक विशेष फसल होगी, जिसके आधार पर क्लस्टर विकसित किए जाएंगे, प्रोसेसिंग इकाइयां स्थापित होंगी और उत्पादों को बाजार से जोड़ा जाएगा।

महोत्सव के उद्घाटन समारोह में कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने कहा कि बागवानी महोत्सव का आयोजन किसानों के हित में किया गया है और यह दर्शाता है कि राज्य में बागवानी क्षेत्र में लगातार प्रगति हो रही है।

भाषा कैलाश रंजन पाण्डेय

पाण्डेय