नयी दिल्ली, पांच फरवरी (भाषा) उन्नत कृत्रिम मेधा (एआई) के बढ़ने से देश के प्रौद्योगिकी सेवा क्षेत्र में व्यवधान पैदा होने की आशंका निराधार है बल्कि यह एआई उद्योग की भूमिका को नया स्वरूप देगा और इसे मजबूत करेगा। सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग संगठन नैसकॉम ने बृहस्पतिवार को यह बात कही।
नैसकॉम ने बयान में कहा कि हाल ही में पेश किए गए एंथ्रोपिक के क्लाउड कोवर्क जैसे नए उपकरणों का उद्देश्य कानूनी, बिक्री, विपणन और डेटा विश्लेषण के कार्यों को स्वचालित करना है। लेकिन यह डर कि ये उपकरण भारतीय आईटी उद्योग को बेअसर कर देंगे, गलत है।
नैसकॉम ने कहा कि भारतीय प्रौधोगिकी सेवा कंपनियां वैश्विक कंपनियों के साथ निकटता से काम करती हैं, जिनके प्रौधोगिकी ढांचे जटिल हैं।
नैसकॉम ने कहा कि एआई से वास्तविक व्यापारिक मूल्य निकालने के लिए मानव मार्गदर्शन के साथ सावधानीपूर्वक तालमेल जरूरी है, क्योंकि इंसानों के पास गहरी उद्योग ज्ञान और विशेष व्यापार संदर्भ की समझ होती है।
सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग संगठन ने यह भी कहा कि बड़े उद्योगों में एआई को तुरंत इस्तेमाल के लिए तैयार समाधान की तरह अपनाना आसान नहीं है।
नैसकॉम के अनुसार, भारतीय प्रौधोगिकी कंपनियां पहले ही खुद को नए रूप में ढालने और आगे बढ़ने की कोशिश कर रही हैं। उद्योग ने ऐसे क्षेत्रों की पहचान की है, जो एआई से और तेजी से बढ़ेंगे, जैसे कि पुरानी प्रणाली का आधुनिकीकरण, एआई के लिए तैयार डेटा आधार बनाना शामिल है।
भाषा
योगेश अजय
अजय