नयी दिल्ली, 24 जनवरी (भाषा) एयर इंडिया अपने नए बोइंग 787-9 विमान को कुछ सीमाओं के साथ संचालित करेगी। सूत्रों के अनुसार टाटा समूह के स्वामित्व वाली यह एयरलाइन विमान के ‘बिजनेस क्लास सुइट्स’ में निजता के लिए खिसकने वाले दरवाजे और ‘इकोनॉमी क्लास’ की 18 सीटों के लिए अमेरिकी नियामक एफएए (एफएए) की मंजूरी का इंतजार कर रही है।
टाटा समूह के जनवरी 2022 में एयर इंडिया का स्वामित्व लेने के बाद इसके बेड़े में शामिल होने वाला यह पहला ‘विशेष जरूरतों के हिसाब से बना’ ड्रीमलाइनर है। यह विमान एक फरवरी से मुंबई-फ्रैंकफर्ट मार्ग पर व्यावसायिक परिचालन शुरू करेगा।
इस विमान में कुल 296 सीटें हैं, जिनमें 30 बिजनेस क्लास, 28 प्रीमियम इकोनॉमी और 238 इकोनॉमी क्लास की सीटें शामिल हैं। सूत्रों ने पीटीआई-भाषा को बताया कि इनमें से इकोनॉमी क्लास की 18 सीटें तब तक उपयोग के लिए उपलब्ध नहीं होंगी, जब तक कि संघीय विमानन प्रशासन (एफएए) अपनी मंजूरी नहीं दे देता।
एयरलाइन के एक प्रवक्ता ने पीटीआई-भाषा को दिए बयान में कहा कि नया बी 787-9 कुछ सीमाओं के साथ एक फरवरी से परिचालन में आएगा। प्रवक्ता ने कहा, ”हमारे बिजनेस क्लास सुइट्स के ‘स्लाइडिंग प्राइवेसी’ दरवाजे सुरक्षित रूप खुले होंगे और यात्रियों के उपयोग के लिए उपलब्ध नहीं होंगे, क्योंकि इस विशिष्ट सुविधा को अभी नियामक मंजूरी मिलनी बाकी है। हमें निकट भविष्य में आवश्यक मंजूरी मिलने की उम्मीद है। सीटों के अन्य सभी फीचर्स यात्रियों के लिए उपलब्ध हैं।”
उन्होंने आगे कहा, ”इकोनॉमी क्लास की कुल 18 विशिष्ट सीटों को बुकिंग के लिए रोक दिया गया है और इसका उपयोग नहीं किया जाएगा। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि सीट उत्पाद (रिकारो 3710) पूरी तरह प्रमाणित है और दुनिया भर की कई एयरलाइनों में नियमित उपयोग में है, लेकिन इन 18 खास सीटों को लेकर एक नियामक व्याख्या का मामला है, जिसे हल करने के लिए हम निर्माता और नियामक के साथ काम कर रहे हैं। पूरी तरह प्रमाणीकरण मिलने के बाद ही इन्हें बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।”
संपर्क करने पर एफएए के प्रवक्ता ने कहा, ”हम विचाराधीन प्रमाणन कार्य पर टिप्पणी नहीं करते हैं।” वहीं बोइंग की ओर से कोई टिप्पणी नहीं आई।
भाषा पाण्डेय
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