एयर इंडिया के भावी सीईओ गेब्रेमरियम ने कर्मचारियों से सहयोग मांगा, व्यवधान कम करने पर जोर
एयर इंडिया के भावी सीईओ गेब्रेमरियम ने कर्मचारियों से सहयोग मांगा, व्यवधान कम करने पर जोर
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नयी दिल्ली, सात सितंबर (भाषा) एयर इंडिया के भावी मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक (एमडी) टेवोल्डे गेब्रेमरियम ने सोमवार को एयरलाइन कंपनी के कर्मचारियों से सहयोग मांगा और परिचालन में व्यवधान कम करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि परिचालन में उत्कृष्टता का मतलब हर दिन बुनियादी चीजों को सही तरीके से करना है।
गेब्रेमरियम के साथ एयर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन और निवर्तमान सीईओ एवं एमडी कैंपबेल विल्सन ने सोमवार को करीब एक घंटे तक कर्मचारियों को संबोधित किया।
कर्मचारियों को अपने पहले संबोधन में इथियोपियन एयरलाइंस समूह के पूर्व प्रमुख गेब्रेमरियम ने कहा कि एयर इंडिया की विरासत मजबूत है, उसका ब्रांड मजबूत है और उसमें काफी संभावनाएं हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम सही समय पर सही काम करते हैं तो हमारे लिए अपार संभवनाएं हैं।’’
एयर इंडिया की कमान संभालने वाले दूसरे विदेशी सीईओ बनने जा रहे गेब्रेमरियम ने कहा कि वह अमेरिका से आ रहे हैं और ‘‘हम एयर इंडिया को फिर से महान बनाएंगे (मेक एयर इंडिया ग्रेट अगेन-मैगा)।’’
एयर इंडिया ने व्यापक चयन प्रक्रिया के बाद गेब्रेमरियम को सीईओ एवं एमडी नियुक्त करने की पांच अगस्त को घोषणा की थी। इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए निदेशक मंडल की एक विशेष समिति बनाई गई थी।
गेब्रेमरियम को इथियोपियन एयरलाइंस समूह में करीब चार दशक का अनुभव है। वह 11 साल से अधिक समय तक इसके सीईओ भी रहे हैं। जरूरी मंजूरियां मिलने के बाद गेब्रेमरियम सीईओ एवं एमडी का पद संभालेंगे। वह ऐसे समय में एयर इंडिया की कमान संभाल रहे हैं जब टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयरलाइन कई चुनौतियों और वित्तीय मुश्किलों का सामना कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें व्यवधान कम करने की जरूरत है और परेशानी आने पर उन्हें पेशेवर तरीके से संभालना चाहिए तथा अपने ग्राहकों का ध्यान रखना चाहिए।’’
जनवरी, 2022 में एयरलाइन के निजीकरण के बाद गेब्रेमरियम इसके दूसरे विदेशी सीईओ होंगे।
टाटा संस और एयर इंडिया के चेयरमैन चंद्रशेखरन ने सुरक्षा और लागत नियंत्रण पर ध्यान देने की जरूरत पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि विमानन कंपनी के अगले चरण में सुरक्षा, ग्राहकों का भरोसा, परिचालन में बेहतर क्रियान्वयन और लागत अनुशासन पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कर्मचारियों से लागत नियंत्रण की मजबूत संस्कृति विकसित करने में मदद करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा, ‘‘एयर इंडिया को सबसे महत्वपूर्ण चीज जो हासिल करने का प्रयास करना चाहिए, वह लोगों का भरोसा है।’’
चंद्रशेखरन ने यह भी माना कि पिछले 18 महीने विमानन कंपनी के लिए खासतौर पर चुनौतीपूर्ण रहे हैं। भू-राजनीतिक घटनाक्रम, हवाई क्षेत्र बंद होने, ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव और एआई171 की दुखद दुर्घटना ने परिचालन और प्रदर्शन को प्रभावित किया।
वहीं विल्सन ने कहा कि एयर इंडिया का कायाकल्प जारी रहेगा और उसके सबसे अच्छे दिन अभी आने बाकी हैं।
विल्सन ने कहा कि वह पर्दे के पीछे से एयर इंडिया के सबसे बड़े समर्थक बने रहेंगे और गेब्रेमरियम एयरलाइन को बड़ी सफलता के साथ आगे ले जाएंगे।
एयर इंडिया ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी दी, ‘‘एयर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के नेतृत्व में कर्मचारियों ने टाउन हॉल में एकत्र होकर एयर इंडिया के नए सीईओ टेवोल्डे गेबरियाम का स्वागत किया। इस मौके पर निवर्तमान सीईओ कैंपबेल विल्सन भी मौजूद रहे। यह एयर इंडिया के बदलाव की यात्रा के अगले अध्याय की शुरुआत है।’’
टाटा समूह ने जनवरी, 2022 में सरकार से एयर इंडिया का अधिग्रहण किया था। इसके बाद सिंगापुर एयरलाइंस ने एयरलाइन में 25.1 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की।
भाषा निहारिका अजय
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