आंध्र प्रदेश मंत्रिमंडल ने 11,569 करोड़ रुपये से अधिक के 13 निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी

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आंध्र प्रदेश मंत्रिमंडल ने 11,569 करोड़ रुपये से अधिक के 13 निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी

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  • Publish Date - July 10, 2026 / 10:15 PM IST,
    Updated On - July 10, 2026 / 10:15 PM IST

अमरावती, 10 जुलाई (भाषा) आंध्र प्रदेश मंत्रिमंडल ने 13 निवेश प्रस्तावों को शुक्रवार को मंजूरी दी। इससे राज्य में 31,000 से अधिक रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।

मंत्रिमंडल ने सोशल मीडिया के कथित दुरुपयोग के मुद्दे पर भी विस्तृत चर्चा की।

मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री के पार्थसारथी ने संवाददाताओं को बताया कि राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड की 19वीं बैठक में स्वीकृत सभी 13 निवेश प्रस्तावों को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है।

उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन और विभिन्न प्रोत्साहन राज्य सरकार की स्वीकृत औद्योगिक नीतियों के अनुरूप उपलब्ध कराए जाएंगे।

पार्थसारथी ने कहा, ‘‘मंत्रिमंडल ने 19वीं एसआईपीबी बैठक में मंजूर किए गए सभी 13 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। इनमें 11,569.91 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है, जिससे 31,431 रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।’’

प्रमुख निवेश प्रस्तावों में तिरुपति जिले के श्री सिटी स्थित अपनी मौजूदा इकाई में मोंडेलीज इंडिया फूड्स प्राइवेट लिमिटेड का 1,801 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है।

मंत्री ने कहा, ‘‘मंत्रिमंडल ने सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर भी विस्तृत चर्चा की।’’ उन्होंने इसे समाज के लिए एक बीमारी बताते हुए कहा कि सोशल मीडिया कई मामलों में उपयोगी है, लेकिन इसका दुरुपयोग बढ़ने से शासन व्यवस्था और लोगों की सोच पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।

पार्थसारथी ने कहा कि यह समस्या केवल आंध्र प्रदेश या भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक स्तर पर कई देशों ने सोशल मीडिया मंचों को विनियमित करने के लिए कानून बनाए हैं।

पार्थसारथी ने कहा कि पहले मीडिया का मतलब मुख्य रूप से समाचार पत्र और टीवी चैनल होते थे, जिनका संचालन मान्यता प्राप्त संस्थानों द्वारा किया जाता था और वे अपने प्रकाशित या प्रसारित सामग्री के लिए कानूनी रूप से जवाबदेह होते थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि इसके विपरीत आज सोशल मीडिया बिना जवाबदेही और नैतिक मानकों के संचालित हो रहा है तथा इसका इस्तेमाल व्यक्तियों को निशाना बनाने, उनकी छवि खराब करने और सरकार के खिलाफ झूठा प्रचार करने के लिए किया जा रहा है।

भाषा यासिर रमण

रमण