नयी दिल्ली, 10 जुलाई (भाषा) सरकार ने शुक्रवार को कहा कि वर्ष 2030 तक 150 अरब डॉलर के इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात लक्ष्य को हासिल करने के लिए उद्योग जगत के लोगों के साथ विचार-विमर्श किया गया है।
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने चिंतन शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग तेजी से वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं पर आधारित हो रहा है। ऐसे में भारत की नीतिगत व्यवस्था में स्थिरता और स्पष्टता होनी चाहिए, ताकि इन मूल्य श्रृंखलाओं का देश में विस्तार हो सके।
उन्होंने कहा कि घरेलू बाजार के लिए उत्पादन को बढ़ावा देने वाली नीतियां और निर्यात आधारित विनिर्माण को प्रोत्साहित करने वाली नीतियां अलग-अलग हो सकती हैं।
अग्रवाल ने कहा कि चिंतन शिविर का आयोजन रचनात्मक संवाद को बढ़ावा देने और सभी हितधारकों के लिए संतुलित, व्यावहारिक एवं समान अवसर वाली नीतिगत सिफारिशें तैयार करने के उद्देश्य से किया गया था।
वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि चिंतन शिविर में वर्ष 2030 तक भारत के 150 अरब डॉलर के इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात लक्ष्य को हासिल करने की रणनीति पर प्रस्तुतियां दी गईं।
बैठक में वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापार में करीब 90 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाली वैश्विक मूल्य शृंखलाओं में एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों) को शामिल करने के महत्व पर जोर दिया गया। इससे एमएसएमई बड़ी विनिर्माण कंपनियों के आपूर्तिकर्ता के रूप में अपना विस्तार कर सकेंगे।
बैठक में वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों के अलावा केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग प्रतिनिधि और निर्यात संवर्धन परिषदों के सदस्य शामिल हुए।
भाषा योगेश रमण
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