Datia BJP District President Resigns: भाजपा के जिलाध्यक्ष ने दिया इस्तीफा.. पार्टी से नाराजगी के बाद कई पदाधिकारी छोड़ सकते है पद, व्यापारियों ने भी कर दिया ये बड़ा ऐलान

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Datia BJP District President Resigns: दतिया में भाजपा प्रत्याशी बदलने के बाद विरोध तेज, जिलाध्यक्ष ने इस्तीफा दिया, कार्यकर्ताओं और व्यापारियों का प्रदर्शन जारी।

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  • Publish Date - July 10, 2026 / 10:40 PM IST,
    Updated On - July 10, 2026 / 10:42 PM IST

Datia BJP District President resigns || Image- Symbolic Image File

HIGHLIGHTS
  • दतिया भाजपा जिलाध्यक्ष ने दिया इस्तीफा।
  • टिकट बदलने पर कार्यकर्ताओं का विरोध।
  • व्यापारियों ने बाजार बंद का ऐलान किया।

दतिया: दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भाजपा द्वारा पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद पार्टी के एक वर्ग में नाराजगी सामने आई है। नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने जिला भाजपा कार्यालय पहुंचकर विरोध जताया। (Datia BJP District President resigns) इसी बीच जानकारी के अनुसार दतिया भाजपा के जिलाध्यक्ष ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वहीं कई अन्य पदाधिकारी भी नाराजगी के चलते अपने पद छोड़ने की तैयारी में बताए जा रहे हैं।

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व्यापारी वर्ग उतरा समर्थन में

बताया जा रहा है कि टिकट बदलने के फैसले के विरोध में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने नेशनल हाईवे-44 पर प्रदर्शन किया, जिससे करीब 10 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इस विरोध को स्थानीय व्यापारियों का भी समर्थन मिला है। व्यापारियों ने शनिवार को बाजार बंद रखने का ऐलान किया है। उनका कहना है कि जब तक नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं दिया जाता, तब तक दुकानें बंद रहेंगी।

आशुतोष तिवारी के नाम का ऐलान

गौरतलब है कि भाजपा ने दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को अपना अधिकृत उम्मीदवार घोषित किया है। उनके नाम की घोषणा के बाद पार्टी के भीतर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। (Datia BJP District President resigns) उम्मीदवार घोषित होने के बाद आशुतोष तिवारी ने IBC24 से बातचीत में पार्टी के केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। नरोत्तम मिश्रा को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि नरोत्तम मिश्रा उनके वरिष्ठ नेता और अभिभावक हैं तथा उनका आशीर्वाद उनके साथ है। वहीं कार्यकर्ताओं की नाराजगी के सवाल पर आशुतोष तिवारी ने कहा कि दतिया में किसी तरह का विरोध नहीं है।

आशुतोष तिवारी लंबे समय से भाजपा संगठन से जुड़े रहे हैं। वे ग्वालियर-चंबल संभाग के पूर्व संभागीय संगठन मंत्री रह चुके हैं। इसके अलावा वे मध्य प्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के पूर्व अध्यक्ष भी रहे हैं, जहां उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त था। संगठन में विभिन्न प्रकोष्ठों के समन्वय की जिम्मेदारी निभाने के साथ उन्होंने चुनावी रणनीति और संगठन विस्तार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

क्या है भाजपा की ‘दतिया का दंगल’ जीतने की रणनीति?

बहरहाल दतिया सीट पर उपचुनाव को लेकर भाजपा ने आशुतोष तिवारी पर दांव खेला है। इसके पीछे 4 बड़े कारण बताये जा रहे है।

1. ब्राह्मण चेहरा + संगठन की पकड़

दतिया ब्राह्मण बाहुल्य क्षेत्र माना जाता है। आशुतोष तिवारी आरएसएस और भाजपा संगठन के पुराने कार्यकर्ता हैं। जमीन पर पकड़ और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद उनकी सबसे बड़ी ताकत है।

2. युवा + स्वच्छ छवि

आशुतोष तिवारी युवा नेता हैं और उनकी छवि विवादों से दूर रही है। पार्टी को “नए चेहरे” के जरिए एंटी-इंकम्बेंसी और परिवारवाद के आरोपों को काटना था।

3. नरोत्तम मिश्रा फैक्टर को बैलेंस करना

पहले नरोत्तम मिश्रा इस सीट से विधायक थे। उनके मंत्री पद छोड़ने के बाद खाली हुई सीट पर भाजपा को ऐसा चेहरा चाहिए था जो नरोत्तम मिश्रा के वोट बैंक को भी साधे और नए वोटर को भी जोड़े। आशुतोष तिवारी संगठन के करीबी माने जाते हैं और नरोत्तम समर्थकों के साथ भी तालमेल रखते हैं।

4. कांग्रेस के स्थानीय समीकरण को काटना

कांग्रेस यहां पारंपरिक वोट बैंक और स्थानीय मुद्दों पर चुनाव लड़ रही है। (Datia BJP District President resigns) भाजपा को एक ऐसा उम्मीदवार चाहिए था जो स्थानीय मुद्दों पर बात कर सके, विकास का नैरेटिव चला सके और साथ ही केंद्र-राज्य सरकार की योजनाओं को घर-घर पहुंचा सके।

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कांग्रेस का निशाना, कहा ‘हार तय है’

वही पार्टी के इस फैसले के बाद मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की तरफ से इस पर प्रतिक्रिया सामने आई है। पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटे जाने पर कांग्रेस के पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल ने कहा कि, भाजपा ने जिस तरीके से नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटा है, इससे साबित हो गया है कि भाजपा वहां हारने जा रही है। पहले आला कमान ने नरोत्तम मिश्रा को शायद हरी झंडी दे दी थी इसलिए उन्होंने टिकट भी खरीद लिया था। वे कार्यकर्ता सम्मेलन कर रहे थे। गांव-गांव जाकर माफी भी मांग रहे थे, लेकिन बाद में आला कमान को समझ में आ गया की सरकार विरोधी जो लहर है उसमें वह जीत नहीं पाएंगे। शैलेंद्र पटेल ने दावा किया है कि, दतिया में कांग्रेस जीतने जा रही है।

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दतिया भाजपा जिलाध्यक्ष ने इस्तीफा क्यों दिया?

उम्मीदवार बदलने के बाद पार्टी में असंतोष के बीच उनके इस्तीफे की जानकारी सामने आई है।

दतिया में भाजपा कार्यकर्ता किस बात का विरोध कर रहे हैं?

कार्यकर्ता पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने का विरोध कर रहे हैं।

क्या भाजपा ने दतिया उपचुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित कर दिया है?

हाँ, भाजपा ने दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार बनाया है।