निर्यातकों की मजबूती, प्रतिस्पर्धी क्षमता को बताता है अगस्त का निर्यात आंकड़ा: फियो

निर्यातकों की मजबूती, प्रतिस्पर्धी क्षमता को बताता है अगस्त का निर्यात आंकड़ा: फियो

निर्यातकों की मजबूती, प्रतिस्पर्धी क्षमता को बताता है अगस्त का निर्यात आंकड़ा: फियो
Modified Date: September 15, 2026 / 09:59 pm IST
Published Date: September 15, 2026 9:59 pm IST

नयी दिल्ली, 15 सितंबर (भाषा) निर्यातकों के शीर्ष निकाय फियो ने अगस्त में वस्तु निर्यात में 26.12 प्रतिशत की वृद्धि को उत्साहजनक बताते हुए कहा कि यह भारतीय निर्यातकों की मजबूती, प्रतिस्पर्धात्मकता और बदलती परिस्थितियों के अनुरूप ढलने की क्षमता क्षमता को बताता है।

देश का वस्तु निर्यात अगस्त में सालाना आधार पर 26.12 प्रतिशत बढ़कर 43.81 अरब डॉलर रहा। पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात में तेज वृद्धि के कारण कुल निर्यात बढ़ा है।

चालू वित्त वर्ष के पहले पांच माह (अप्रैल-अगस्त) के दौरान निर्यात 17.85 प्रतिशत बढ़कर 215.91 अरब डॉलर रहा।

फियो के अध्यक्ष एस सी रल्हन ने कहा, ‘‘अगस्त में निर्यात में मजबूत वृद्धि उत्साहजनक है। यह भारतीय निर्यातकों की मजबूती, प्रतिस्पर्धात्मकता और बदलती परिस्थितियों के अनुरूप ढलने की क्षमता क्षमता को बताता है।’’

उन्होंने कहा कि चीन, सिंगापुर, जर्मनी, दक्षिण अफ्रीका, मलेशिया, तंजानिया, हांगकांग, ऑस्ट्रेलिया, स्पेन और श्रीलंका जैसे बाजारों में निर्यात बढ़ने से भारत के निर्यात बाजारों में विविधता आई है।

फियो अध्यक्ष ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में निर्यात बाजारों में विविधता लाना महत्वपूर्ण है। ब्रिक्स, उभरती अर्थव्यवस्थाओं और अन्य संभावनाओं वाले बाजारों के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत करने से भारतीय निर्यातकों को मजबूती मिलेगी और कुछ चुनिंदा बाजारों पर निर्भरता का जोखिम कम होगा।

रल्हन ने यह भी कहा, ‘‘निर्यात की गति बनाए रखने के लिए प्रतिस्पर्धी व्यापार वित्त, बेहतर परिवहन एवं बुनियादी ढांचे, बाजारों में विविधता, कारोबार सुगमता तथा सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों और नए निर्यातकों को लक्षित सहायता पर ध्यान देना जरूरी है।’’

उन्होंने कहा कि पहले पांच महीनों में वस्तु निर्यात में 17.85 प्रतिशत की वृद्धि से आगे विस्तार के लिए मजबूत आधार तैयार हुआ है।

रल्हन ने कहा, ‘‘लागत, परिवहन, वित्त और बाजार पहुंच से जुड़ी चुनौतियों को दूर करने के लिए समन्वित प्रयासों से इस गति को वित्त वर्ष 2026-27 के बाकी हिस्से में टिकाऊ निर्यात वृद्धि में बदला जा सकता है।’’

भाषा

रमण अजय

अजय


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