नयी दिल्ली, 10 मई (भाषा) बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड ने उत्तर प्रदेश में लैक्टोजिप्सम प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित करने और पॉली लैक्टिक एसिड (पीएलए) सुविधा के लिए बढ़े हुए पूंजीगत व्यय को पूरा करने के लिए 450 करोड़ रुपये की इक्विटी पूंजी जुटाई है।
कंपनी की उत्तर प्रदेश में 10 चीनी मिलें हैं, जिनकी कुल गन्ना पेराई क्षमता 80,000 टन प्रतिदिन है। कोलकाता स्थित बलरामपुर चीनी ने बायो-प्लास्टिक व्यवसाय में कदम रखा है और वह उत्तर प्रदेश के कुंभी में 80,000 टन की वार्षिक क्षमता वाला एक पीएलए विनिर्माण संयंत्र स्थापित कर रही है।
बलरामपुर चीनी की कार्यकारी निदेशक अवंतिका सरावगी ने पीटीआई-भाषा को बताया, ”हमने कंपनी की विस्तार और वृद्धि योजनाओं को गति देने के लिए तरजीही शेयरों के जरिए 450 करोड़ रुपये जुटाए हैं।” उन्होंने बताया कि प्रवर्तकों ने भी इसमें हिस्सा लिया और लगभग 200 करोड़ रुपये का निवेश किया।
सरावगी ने कहा कि विस्तार योजना के तहत कंपनी उत्तर प्रदेश में लैक्टोजिप्सम प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित करने के लिए 160 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इसके साथ ही कंपनी ने नए पीएलए संयंत्र पर अपने पूंजीगत व्यय को 230 करोड़ रुपये बढ़ाकर लगभग 3,100 करोड़ रुपये कर दिया है।
सरावगी के अनुसार पीएलए संयंत्र के इस साल चालू होने की संभावना है। इस साल फरवरी में कंपनी को लखनऊ छावनी बोर्ड से ग्रीन बायोप्लास्टिक उत्पादों की आपूर्ति के लिए पहला संस्थागत ऑर्डर मिला था।
भाषा पाण्डेय
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