अदाणी समूह के साथ कोयले की कीमतों पर मध्यस्थता के लिए बांग्लादेश ने ब्रिटेन की विधि फर्म नियुक्त की

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अदाणी समूह के साथ कोयले की कीमतों पर मध्यस्थता के लिए बांग्लादेश ने ब्रिटेन की विधि फर्म नियुक्त की

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  • Publish Date - January 30, 2026 / 01:40 PM IST,
    Updated On - January 30, 2026 / 01:40 PM IST

ढाका, 30 जनवरी (भाषा) बांग्लादेश ने अदाणी पावर लिमिटेड के साथ कोयले की कीमतों और बिजली दरों को लेकर जारी विवाद में अपने सरकारी बिजली विकास बोर्ड (बीपीडीबी) का प्रतिनिधित्व करने के लिए ब्रिटेन की एक विधि फर्म को नियुक्त किया है।

बीपीडीबी के अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने लंदन स्थित अग्रणी विधि फर्म ‘थ्रीवीपी’ को नियुक्त किया है, जो सिंगापुर इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (एसआईएसी) में बांग्लादेश का पक्ष रखेगी।

बांग्लादेश स्थित ‘बिजनेस स्टैंडर्ड’ (टीबीएस) अखबार के अनुसार थ्रीवीपी चैम्बर्स पिछले कई महीनों से अदाणी सौदे पर एक राष्ट्रीय समीक्षा समिति को सलाह दे रही थी।

बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के दौरान हस्ताक्षरित बिजली क्षेत्र के समझौतों पर समिति ने पांच दिन पहले अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपी थी।

बिजली विभाग के एक अधिकारी ने कहा, ”हमने ब्रिटेन की फर्म को नियुक्त करने का फैसला तक लिया, जब अदाणी पावर ने पिछले साल सिंगापुर इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन में मध्यस्थता शुरू की थी।” भारतीय कंपनी ने विवादित कोयला शुल्क से जुड़े लगभग 48.5 करोड़ डॉलर (लगभग 4,000 करोड़ रुपये) के बकाया का दावा किया था। समझौते के तहत, पूर्ण मध्यस्थता (आर्बिट्रेशन) से पहले मध्यस्थता (मीडिएशन) एक अनिवार्य लेकिन गैर-बाध्यकारी कदम है।

बांग्लादेश का तर्क है कि अदाणी कोयले की अत्यधिक कीमत वसूल रहा है, जिससे बिजली उत्पादन की लागत बढ़ रही है। पांच अगस्त, 2024 को हसीना सरकार के गिरने के बाद बीपीडीबी ने अदाणी के साथ बातचीत फिर से शुरू करने के प्रयास तेज कर दिए।

भाषा पाण्डेय

पाण्डेय