बैंक यूनियन 28 सितंबर से तीन दिन की हड़ताल के फैसले पर कायम

बैंक यूनियन 28 सितंबर से तीन दिन की हड़ताल के फैसले पर कायम

बैंक यूनियन 28 सितंबर से तीन दिन की हड़ताल के फैसले पर कायम
Modified Date: September 22, 2026 / 08:43 pm IST
Published Date: September 22, 2026 8:43 pm IST

नयी दिल्ली, 22 सितंबर (भाषा) यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने कहा है कि वे 28 सितंबर से शुरू होने वाली तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल की ओर आगे बढ़ेंगे, क्योंकि मंगलवार को उप-मुख्य श्रम आयुक्त के सामने हुई सुलह बैठक बेनतीजा रही।

यह सुलह बैठक वित्त मंत्रालय द्वारा बैंक कर्मचारियों से हड़ताल न करने और बातचीत के जरिये अपनी बाकी मुद्दों को सुलझाने की अपील करने के एक दिन बाद हुई।

यूएफबीयू, जो बैंकिंग कर्मचारियों के 90 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करने का दावा करता है, मुख्य रूप से अन्य मांगों के साथ-साथ 5-दिन की बैंकिंग सेवा की मांग कर रहा है।

अगर यह हड़ताल होती है, तो बैंकिंग सेवाओं पर पांच दिन तक असर पड़ सकता है क्योंकि 28 सितंबर से पहले सप्ताहांत पर छुट्टी है। यह बैंकिंग क्षेत्र की छमाही ‘क्लोजिंग’ का समय भी होगा।

उप-मुख्य श्रम आयुक्त के साथ बैठक के बाद यूएफबीयू ने एक बयान में कहा, ‘‘वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस), इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) और बैंक प्रबंधन की हड़ताल टालने की अपील का जवाब देते हुए, हमने उन्हें बताया कि अगर पांच-दिन के कामकाज की हमारी मांग को लागू करने की दिशा में कोई ठोस और सकारात्मक प्रगति होती है, तो यूएफबीयू उस पर विचार करेगा।’’

बयान में कहा गया कि ऐसा न होने पर, यूएफबीयू 28, 29 और 30 सितंबर को प्रस्तावित हड़ताल पर आगे बढ़ने के लिए मजबूर होगा।

डीएफएस और वित्त मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने बताया कि सरकार बैंक कर्मचारियों के कल्याण के लिए कई पहल कर रही है और सप्ताह में पांच दिन कार्य का मुद्दा भी विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि कोई भी फैसला लेने से पहले उन्हें कई अन्य हितधारकों की राय पर भी विचार करना होता है।

इसलिए, उन्होंने यूएफबीयू से हड़ताल टालने और बातचीत जारी रखने का अनुरोध किया।

यूएफबीयू के तहत बैंक यूनियनें अपनी मांग को लेकर 11 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल पर गई थीं।

यूएफबीयू की अन्य मांगों में पेंशन को अद्यतन और बेहतर बनाना, सभी पेंशनभोगियों के लिए एक समान महंगाई भत्ता फॉर्मूला और राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत आने वाले कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) में जाने का विकल्प शामिल है।

कई सरकारी बैंकों ने अपने ग्राहकों को बैंकिंग ज़रूरतों के लिए मोबाइल बैंकिंग, एटीएम, इंटरनेट बैंकिंग, बीसी पॉइंट और यूपीआई जैसे डिजिटल चैनल का इस्तेमाल करने के बारे में मोबाइल एसएमएस भेजना शुरू कर दिया है।

प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल का समय बैंकों की छमाही क्लोजिंग (30 सितंबर) के साथ भी पड़ रहा है, जो हिसाब-किताब मिलाने, प्रावधान और ट्रेजरी व बाजार परिचालन के लिए बहुत अहम तारीख है।

इस तरह की रुकावट और उससे ठीक पहले पड़ने वाले सप्ताहांत की वजह से, वित्तीय कैलेंडर के एक बहुत अहम समय पर बैंकिंग सेवाएं असल में पांच दिन के लिए बंद रहेंगी – जिससे ग्राहकों, व्यवसाय, सरकारी लेन-देन और अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग परिचालन को काफी परेशानी होगी।

वित्त मंत्रालय ने सोमवार को कहा था कि हड़ताल से बैंकिंग सेवाओं में रुकावट आती है जिससे जनता को परेशानी होती है।

सरकार ने भरोसा दिलाया है कि वह बैंक कर्मचारियों की भलाई और उनके सही मुद्दों को बातचीत के ज़रिये सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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