पांच दिन के कार्य सप्ताह की मांग पर 27 जनवरी को देशव्यापी हड़ताल पर जाएंगे बैंक संगठन

Ads

पांच दिन के कार्य सप्ताह की मांग पर 27 जनवरी को देशव्यापी हड़ताल पर जाएंगे बैंक संगठन

  •  
  • Publish Date - January 23, 2026 / 08:30 PM IST,
    Updated On - January 23, 2026 / 08:30 PM IST

नयी दिल्ली, 23 जनवरी (भाषा) बैंक कर्मचारी संगठनों ने पांच दिन के कार्य सप्ताह की अपनी लंबे समय से अनसुनी मांग को लेकर 27 जनवरी को देशव्यापी हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है।

अगर यह हड़ताल होती है, तो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कामकाज लगातार तीन दिनों तक बाधित रहेंगे, क्योंकि 25 और 26 जनवरी को पहले से ही छुट्टियां हैं। ज्यादातर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने पहले ही अपने ग्राहकों को बता दिया है कि अगर हड़ताल होती है, तो बैंकिंग सेवाएं बाधित हो सकती हैं।

अधिकारियों और कर्मचारियों के नौ संगठनों के शीर्ष निकाय- यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) द्वारा दिए गए हड़ताल के नोटिस के जवाब में मुख्य श्रम आयुक्त ने बुधवार और बृहस्पतिवार को एक सुलह बैठक आयोजित की थी।

यूएफबीयू ने एक बयान में कहा, ”बैठक में आईबीए और विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों के अलावा, वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। यूएफबीयू की ओर से हमारे सभी नौ संगठन उपस्थित थे। विस्तृत चर्चा के बावजूद, सुलह की कार्यवाही का कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला।”

बयान में आगे कहा गया कि इसीलिए 27 जनवरी को हड़ताल करने का निर्णय लिया गया है। इस समय बैंक कर्मचारियों को रविवार के अलावा हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी मिलती है।

सभी शनिवार को अवकाश घोषित करने पर मार्च 2024 में वेतन संशोधन समझौते के दौरान भारतीय बैंक संघ (आईबीए) और यूएफबीयू के बीच सहमति बनी थी।

यूएफबीयू ने इस महीने की शुरुआत में कहा था, ”यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार हमारी जायज मांग पर प्रतिक्रिया नहीं दे रही है। इसमें काम के घंटों का कोई नुकसान नहीं होगा क्योंकि हम सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना अतिरिक्त 40 मिनट काम करने के लिए तैयार हो गए हैं।”

यूएफबीयू ने कहा कि आरबीआई, एलआईसी, जीआईसी, शेयर बाजार और सरकारी कार्यालय पहले ही पांच दिवसीय कार्य सप्ताह का पालन करते हैं, ऐसे में बैंकों में ऐसा न होने का कोई औचित्य नहीं है।

यूएफबीयू की इस हड़ताल का एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे निजी क्षेत्र के बड़े बैंकों की शाखाओं के कामकाज पर असर पड़ने की आशंका नहीं है।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण