नौ साल में बड़े पैमाने पर राशि बट्टे खाते में डालने से बैंकिंग क्षेत्र कमजोर हुआ : अमित मित्रा

नौ साल में बड़े पैमाने पर राशि बट्टे खाते में डालने से बैंकिंग क्षेत्र कमजोर हुआ : अमित मित्रा

नौ साल में बड़े पैमाने पर राशि बट्टे खाते में डालने से बैंकिंग क्षेत्र कमजोर हुआ : अमित मित्रा
Modified Date: September 28, 2023 / 05:45 pm IST
Published Date: September 28, 2023 5:45 pm IST

(तस्वीरों के साथ)

कोलकाता, 28 सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रधान मुख्य सलाहकार अमित मित्रा ने बृहस्पतिवार को कहा कि पिछले नौ वर्षों में बड़े पैमाने पर राशि को बट्टे खाते में डालने और बकाया कर्ज की वसूली कम रहने से वर्तमान में देश का बैंकिंग क्षेत्र कमजोर हो रहा है।

भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के बैंकिंग सत्र में मित्रा ने कहा कि 2014-2023 तक पिछले नौ वर्षों में 14.56 लाख करोड़ रुपये के बकाया कर्ज को बैंकों के बही-खातों से हटाया गया है। यानी यह राशि बट्टे खाते में डाली गई है। 2021-22 के दौरान बट्टे खाते में डाली गई राशि 1.75 लाख करोड़ रुपये थी और 2022-23 में यह 2.09 लाख करोड़ रुपये थी।

मित्रा ने कहा कि केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री भागवत कराड ने संसद को सूचित किया था कि 14.56 लाख करोड़ रुपये की कुल बट्टे खाते में डाली गई राशि में से 7.40 लाख करोड़ रुपये बड़े उद्योग तथा सेवा खंडों की थी।

उन्होंने कहा कि 14.56 लाख करोड़ रुपये में से 2.04 लाख करोड़ रुपये की वसूली ही हो पाई, जिसका मतलब है कि 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक की वसूली अभी बाकी है।

मित्रा के अनुसार, इससे पिछले नौ वर्षों (2005-2014) में 2.20 लाख करोड़ रुपये बट्टे खाते में डाले गए थे।

इरादतन चूककर्ताओं पर उन्होंने कहा कि इस सूची में शीर्ष 50 पर 31 मार्च, 2023 तक अनुसूचित बैंकों का 87,295 करोड़ रुपये का बकाया था।

भाषा निहारिका अजय

अजय


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