खनन, धातु क्षेत्र में लॉजिस्टिक की बुनियादी चुनौतियां अब भी बरकरार: सारस्वत

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खनन, धातु क्षेत्र में लॉजिस्टिक की बुनियादी चुनौतियां अब भी बरकरार: सारस्वत

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  • Publish Date - July 10, 2026 / 08:27 PM IST,
    Updated On - July 10, 2026 / 08:27 PM IST

नयी दिल्ली, 10 जुलाई (भाषा) नीति आयोग के पूर्व सदस्य वी.के. सारस्वत ने शुक्रवार को कहा कि भारत में खनन एवं धातु क्षेत्र की लॉजिस्टिक लागत सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के करीब आठ प्रतिशत के आसपास हो सकती है, लेकिन इस क्षेत्र में अब भी मूलभूत समस्याएं बनी हुई हैं।

सारस्वत ने उद्योग मंडल फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) द्वारा ‘खनन एवं धातु क्षेत्र की प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ाने’ विषय पर आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि खनन और धातु उद्योग की प्रतिस्पर्धा के लिए लॉजिस्टिक को एक रणनीतिक कारक के रूप में मान्यता दी जानी चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘खनन और धातु क्षेत्र के लिए भारत की लॉजिस्टिक लागत व्यापक रूप से बताई जाने वाली 14 प्रतिशत की दर की तुलना में जीडीपी के करीब आठ प्रतिशत के आसपास हो सकती है, हालांकि क्षेत्र की बुनियादी चुनौतियां अब भी बनी हुई हैं।’’

सारस्वत ने कहा कि भारी माल ढुलाई से जुड़ी परेशानियां और खनन क्षेत्रों से सामग्री निकालने की विशिष्ट समस्याएं अब भी वास्तविक तथा महंगी हैं।

भाषा यासिर रमण

रमण