बिहार सरकार की बकरी के दूध को ‘सुधा’ ब्रांड के तहत बेचने की तैयारी

बिहार सरकार की बकरी के दूध को ‘सुधा’ ब्रांड के तहत बेचने की तैयारी

बिहार सरकार की बकरी के दूध को ‘सुधा’ ब्रांड के तहत बेचने की तैयारी
Modified Date: August 12, 2026 / 05:34 pm IST
Published Date: August 12, 2026 5:34 pm IST

पटना, 12 अगस्त (भाषा) बिहार सरकार बकरीपालकों की आय बढ़ाने के लिए बकरी के दूध को संगठित दुग्ध अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। इसके तहत बिहार राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक महासंघ लिमिटेड (कंफेड) के मौजूदा दुग्ध संग्रहण तंत्र के माध्यम से बकरी के दूध का संग्रह किया जाएगा।

इसके बाद गुणवत्ता और बाजार की जरूरत के अनुसार इसका प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग कर ‘सुधा’ ब्रांड के तहत विपणन करने की योजना है।

डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के मंत्री नंद किशोर राम ने बुधवार को बिहार पशुपालन निदेशालय और ‘द गोट ट्रस्ट’ के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर के मौके पर कहा कि कम पूंजी और सीमित संसाधनों में बकरीपालन संभव होने के कारण यह छोटे एवं सीमांत पशुपालक परिवारों तथा ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका का महत्वपूर्ण साधन है।

उन्होंने कहा कि बकरी को लंबे समय से ‘गरीब की गाय’ कहा जाता रहा है, लेकिन सरकार का उद्देश्य इसे केवल जरूरत के समय बेचकर धन जुटाने तक सीमित रखना नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि बकरी हमारे पशुपालकों के लिए केवल जरूरत के समय बिकने वाली संपत्ति न रहे, बल्कि नियमित आमदनी देने वाली आर्थिक संपत्ति बने।’’

उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से बिहार पशुपालन निदेशालय और ‘द गोट ट्रस्ट’ के बीच एमओयू किया गया है। इसका उद्देश्य बकरीपालकों को वैज्ञानिक बकरीपालन, पशु स्वास्थ्य एवं प्रबंधन, प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और संगठित बाजार व्यवस्था से जोड़ना है। ‘द गोट ट्रस्ट’ इस काम में तकनीकी सहयोग देगा।

मंत्री ने कहा कि प्रखंड स्तर पर बकरीपालकों की सहकारी समितियों के माध्यम से उन्हें संगठित किया जा रहा है। कंफेड के वर्तमान दुग्ध संग्रहण नेटवर्क का उपयोग कर बकरी का दूध भी संग्रहित करने की योजना है। इससे पशुपालकों को अपने उत्पाद के लिए स्वयं ग्राहक तलाशने की जरूरत नहीं होगी।

उन्होंने कहा कि बकरीपालन में ग्रामीण महिलाओं की बड़ी भागीदारी है। दूध से नियमित आय महिला आर्थिक सशक्तीकरण का प्रभावी माध्यम बन सकती है।

विभागीय सचिव शीर्षत कपिल अशोक ने कहा कि एमओयू बिहार के बकरीपालकों के लिए नई आर्थिक व्यवस्था विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

भाषा

कैलाश रवि कांत योगेश

योगेश


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