मंत्रिमंडल ने स्टार्टअप को उद्यम पूंजी समर्थन के लिए 10,000 करोड़ रुपये के कोष को मंजूरी दी

Ads

मंत्रिमंडल ने स्टार्टअप को उद्यम पूंजी समर्थन के लिए 10,000 करोड़ रुपये के कोष को मंजूरी दी

  •  
  • Publish Date - February 14, 2026 / 03:41 PM IST,
    Updated On - February 14, 2026 / 03:41 PM IST

नयी दिल्ली, 14 फरवरी (भाषा) देश में उद्यम पूंजी के प्रोत्साहन और उन्नत प्रौद्योगिकी, प्रौद्योगिकी-आधारित नवोन्मेषी विनिर्माण स्टार्टअप एवं शुरुआती दौर वाले उद्यमों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शनिवार को 10,000 करोड़ रुपये के कोष को मंजूरी दी।

यह ‘स्टार्टअप इंडिया’ पहल के तहत ‘फंड ऑफ फंड्स’ (एफओएफ) योजना का दूसरा चरण है। इस योजना का पहला चरण वर्ष 2016 में शुरू किया गया था।

एफओएफ 2.0 योजना को स्टार्टअप में निवेश की रफ्तार बनाए रखने और पहले चरण की तुलना में विस्तृत दायरे के साथ आगे बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में देश के स्टार्टअप परिवेश के लिए उद्यम पूंजी जुटाने के उद्देश्य से 10,000 करोड़ रुपये की कुल राशि के साथ ‘स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0’ के गठन को मंजूरी दी गई।

यह योजना दीर्घकालिक घरेलू पूंजी जुटाकर उद्यम पूंजी पारिस्थितिकी को मजबूत कर और देशभर में नवाचार-आधारित उद्यमिता को समर्थन देकर भारत की स्टार्टअप यात्रा के अगले चरण को गति देने के लिए बनाई गई है।

सरकार ने वर्ष 2016 में प्रारंभिक पूंजी प्रदान करने और स्टार्टअप फर्मों को सोचा-समझा जोखिम लेने में सक्षम बनाने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का फंड ऑफ फंड्स का गठन किया था।

पहली किस्त के सफल इस्तेमाल के बाद वित्त वर्ष 2025-26 के केंद्रीय बजट में 10,000 करोड़ रुपये के दूसरे चरण को मंजूरी दी गई थी।

फिलहाल देश में एक अरब डॉलर से अधिक मूल्यांकन वाले स्टार्टअप यानी यूनिकॉर्न की संख्या करीब 100 है।

वर्ष 2016 में ‘स्टार्टअप इंडिया’ की शुरुआत के बाद से सरकार द्वारा मान्यता-प्राप्त स्टार्टअप की संख्या लगभग 500 से बढ़कर वर्तमान में दो लाख से भी अधिक हो गई है। वर्ष 2025 में 49,400 से अधिक स्टार्टअप को मान्यता दी गई, जो किसी एक वर्ष में अब तक का सबसे अधिक आंकड़ा है।

बयान के मुताबिक, ‘स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0’ चरण के तहत 10,000 करोड़ रुपये की पूरी राशि 145 वैकल्पिक निवेश कोषों (एआईएफ) को आवंटित की गई है।

एआईएफ ने देशभर के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय 1,370 से अधिक स्टार्टअप में 25,500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश किया है।

नए कोष का इस्तेमाल गहन प्रौद्योगिकी और प्रौद्योगिकी-आधारित नवाचारी विनिर्माण में सक्रिय स्टार्टअप को वित्तीय प्रोत्साहन देने में किया जाएगा। इसके अलावा कारोबार के शुरुआती दौर से गुजर रहे नवाचारी स्टार्टअप भी इससे लाभांवित हो सकेंगे।

बयान में कहा गया है कि स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 के तहत मार्गदर्शन एवं दिशानिर्देश के लिए एक अधिकार-प्राप्त समिति भी गठित की जाएगी।

सरकार ने हाल ही में स्टार्टअप के रूप में मान्यता के मानक को संशोधित करते हुए उनके कारोबार की सीमा दोगुनी कर 200 करोड़ रुपये कर दी है।

भाषा

योगेश प्रेम

प्रेम