नयी दिल्ली, 15 जुलाई (भाषा) केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को मोबाइल फोन के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के दूसरे संस्करण को मंजूरी दे दी जिसके लिए 62,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए इस फैसले की जानकारी दी।
वैष्णव ने कहा, “मंत्रिमंडल ने मोबाइल फोन की पीएलआई योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के लिए 62,500 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।”
सरकार के प्रयासों के चलते भारत में मोबाइल विनिर्माण क्षेत्र में तेज वृद्धि दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2019-20 में 2.14 लाख करोड़ रुपये का मोबाइल उत्पादन होता था जो बढ़कर 2024-25 में 5.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया।
इसी अवधि में मोबाइल फोन निर्यात में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस दौरान भारत में बने मोबाइल फोन का निर्यात 27,000 करोड़ रुपये से कई गुना बढ़कर दो लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
कैलेंडर वर्ष 2025 में स्मार्टफोन भारत का सबसे बड़ा निर्यात उत्पाद बनकर उभरा है। इस दौरान देश से 2.62 लाख करोड़ रुपये के स्मार्टफोन का निर्यात हुआ, जिसमें आईफोन विनिर्माता एप्पल का दबदबा रहा।
सरकारी प्रोत्साहन से भारत वैश्विक स्तर पर दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माता बन गया है। वर्ष 2014 में जहां देश मोबाइल फोन का आयातक था, वहीं अब भारत इसका शुद्ध निर्यातक बन चुका है। वर्तमान में देश में 300 से अधिक मोबाइल विनिर्माण इकाइयां संचालित हैं।
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प्रेम अजय
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