बेंगलुरू, 15 जुलाई (भाषा) बेल्जियम और नीदरलैंड में होने वाले एफआईएच विश्व कप में अब एक महीने से भी कम समय रह गया है लिहाजा भारतीय पुरूष और महिला हॉकी टीमें यहां भारतीय खेल प्राधिकरण केंद्र पर चल रहे राष्ट्रीय शिविर में तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी हैं ।
बेल्जियम और नीदरलैंड में 15 से 30 अगस्त के बीच टूर्नामेंट खेला जायेगा और पहली बार महिला और पुरूष विश्व कप एक साथ, एक जगह पर होगा ।
भारतीय पुरूष टीम ने एफआईएच प्रो लीग के नीदरलैंड और लंदन चरण में अच्छा प्रदर्शन किया जिसमें उसने विश्व चैम्पियन जर्मनी और पेरिस ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीदरलैंड के अलावा चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को हराया ।
पुरूष टीम के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने कहा,‘‘ प्रो लीग के बाद ब्रेक लेकर खिलाड़ी तरोताजा होकर शिविर में आये हैं और वह ऊर्जा दिख रही है । तैयारी बहुत अच्छी चल रही है । पहले कुछ दिन खुद को ढालने में लगे और अब धीरे धीरे तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है ।’’
अब तक सिर्फ एक बार 1975 में विश्व कप जीत सकी भारतीय पुरूष टीम को पूल डी में इंग्लैंड, पाकिस्तान और वेल्स के साथ रखा गया है । भारत को वेल्स के खिलाफ 15 अगस्त को खेलना है जबकि इंग्लैंड से 17 अगस्त और पाकिस्तान से 19 अगस्त को सामना होगा ।
शानदार फॉर्म में चल रही इंग्लैंड टीम से भारत को कड़ी चुनौती मिल सकती है । एफआईएच प्रो लीग में दोनों टीमों के मुकाबले करीबी रहे थे जबकि पाकिस्तान से टक्कर हमेशा सुर्खियों में रहती है ।
फुल्टन ने कहा ,‘‘ हम पहले अनुकूलन पर काम करेंगे जिसके बाद तकनीक और ईकाई आधारित सत्रों पर फोकस होगा । हम थकान में भी फैसले लेने की क्षमता को तेज रखने पर भी काम कर रहे हैं । इसके साथ ही हमलों और जवाबी हमलों पर खास काम करने के लिए रोज वीडियो रिव्यू भी कर रहे हैं। ’’
वहीं महिला हॉकी टीम एफआईएच नेशंस कप में खिताबी जीत के बाद आत्मविश्वास के साथ विश्व कप खेलने जायेगी ।
महिला टीम को पूल डी में रखा गया है जिसमें उसका सामना 16 अगस्त को चीन से होगा जो प्रबल दावेदारों में से है । इसके बाद 18 अगस्त को दक्षिण अफ्रीका और 20 अगस्त को इंग्लैंड से खेलना है ।
महिला टीम के मुख्य कोच शोर्ड मारिन ने कहा ,‘‘ विश्व कप और एशियाई खेलों को लेकर टीम आत्मविश्वास से भरी है । खिलाड़ी रोमांचित हैं और अभ्यास सत्रों में वह ऊर्जा दिखती है । सभी मेहनत कर रहे हैं और लगातार बेहतर प्रदर्शन की ललक है ।’’
उन्होंने कहा ,‘‘ हमारा फोकस खुद पर है। हम उन पहलुओं में सुधार करना जारी रखना चाहते हैं जिन पर हम पिछले कुछ महीनों से काम कर रहे हैं। हमारे पास उच्च, मध्यम और निम्न तीव्रता सत्रों का अच्छा संतुलन है क्योंकि आप हर दिन अधिकतम तीव्रता पर ट्रेनिंग नहीं कर सकते।’
उन्होंने कहा ,’हमारे ताकत और अनुकूलन कोच हर खिलाड़ी पर करीब से नजर रखते हैं ताकि यह पक्का हो सके कि टीम तैयार है। मैं देख सकता हूं कि हम अकेले और टीम के तौर पर कितनी प्रगति कर रहे हैं, और इससे मुझे बहुत आत्मविश्वास मिलता है।’
भाषा मोना पंत
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