सीसीएसएचयू, पीएयू ने कृषि क्षेत्र में सहयोग के लिए किया समझौता

सीसीएसएचयू, पीएयू ने कृषि क्षेत्र में सहयोग के लिए किया समझौता

सीसीएसएचयू, पीएयू ने कृषि क्षेत्र में सहयोग के लिए किया समझौता
Modified Date: August 4, 2026 / 09:37 pm IST
Published Date: August 4, 2026 9:37 pm IST

हिसार, चार अगस्त (भाषा) हिसार की चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (सीसीएसएचएयू) और लुधियाना की पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) ने शिक्षा और अनुसंधान में सहयोग को मजबूत करने के लिए मंगलवार को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

अधिकारियों ने कहा कि इस समझौते से कृषि क्षेत्र की मुख्य चुनौतियों से निपटने के लिए संयुक्त पहलों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति, बलदेव राज कंबोज ने एमओयू को एक औपचारिक समझौते से कहीं ज्यादा बताया। उन्होंने कहा कि यह उत्तर भारत के दो प्रमुख कृषि संस्थानों के बीच लंबे समय से चली आ रही साझेदारी को नई ऊर्जा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

समझौते के तहत, विश्वविद्यालय शिक्षकों और छात्रों के आदान-प्रदान संयुक्त डिग्री कार्यक्रम, सहयोगी शोध परियोजना, सम्मेलन और सेमिनार, शोध सुविधाओं का साझा इस्तेमाल और संयुक्त प्रकाशन जैसे काम करेंगी।

इन पहलों से दोनों संस्थानों की अकादमिक उत्कृष्टता और वैश्विक पहचान बढ़ने की उम्मीद है।

पीएयू के कुलपति, सतबीर सिंह गोसल ने कहा कि संस्थान ने कृषि शिक्षा में अग्रणी भूमिका निभाई है और देश भर में कई कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना में योगदान दिया है।

उन्होंने सीसीएसएचएयू और पीएयू के बीच दशकों पुराने अकादमिक और शोध संबंधों पर जोर दिया और कहा कि गिरते भूजल स्तर, मिट्टी की बिगड़ती सेहत और मीथेन उत्सर्जन से जुड़े बढ़ते वैश्विक तापमान जैसी गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत है।

एमओयू पर पीएयू के शोध निदेशक, अजमेर सिंह धट्ट और हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के शोध निदेशक, डॉ. राजबीर गर्ग ने हस्ताक्षर किए। इस मौके पर दोनों विश्वविद्यालयों के कुलपति मौजूद थे।

भाषा राजेश राजेश रमण

रमण


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