केंद्र केरल को 5,000 करोड़ रुपये के कर्ज की सहमति देने को तैयार

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केंद्र केरल को 5,000 करोड़ रुपये के कर्ज की सहमति देने को तैयार

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  • Publish Date - March 13, 2024 / 05:54 PM IST,
    Updated On - March 13, 2024 / 05:54 PM IST

नयी दिल्ली, 13 मार्च (भाषा) केंद्र ने बुधवार को उच्चतम न्यायालय से कहा कि वह वित्तीय मुद्दों का सामना कर रहे केरल सरकार को कुछ शर्तों के अधीन 5,000 करोड़ रुपये का कर्ज लेने की अनुमति देने को तैयार है।

हालांकि, केरल सरकार ने ‘बेहद खास और असाधारण उपाय’ के तौर पर 5,000 करोड़ रुपये की उधारी लेने की छूट देने को अपर्याप्त बताते हुए कहा कि उसे कम-से-कम 10,000 करोड़ रुपये की जरूरत है।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने यह छूट देने का प्रस्ताव रखा। केरल को संसाधनों की कमी से निपटने के लिए न्यायालय ने केंद्र को 31 मार्च तक एकमुश्त राहत पैकेज देने पर विचार करने के लिए कहा था।

केंद्र सरकार ने केरल को बाजार से उधारी जुटाने पर रोक लगा दी है। इस फैसले को केरल सरकार ने उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी हुई है। केरल ने केंद्र पर उधारी की सीमा लगाकर राज्य के वित्त को विनियमित करने के लिए अपनी ‘विशेष, स्वायत्त और पूर्ण शक्तियों’ के प्रयोग में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया गया है।

केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एन वेंकटरमण ने कहा, ‘‘न्यायालय के सुझाव पर गौर करते हुए केंद्र एक बहुत ही विशेष और असाधारण उपाय के रूप में केरल को वित्त वर्ष के अंत में पेंशन, वेतन और अन्य प्रतिबद्ध खर्चों के भुगतान की देनदारी को पूरा करने के लिए 5,000 करोड़ रुपये की उधारी पर शर्तो के अधीन सहमति देने के लिए तैयार है।’’

इसपर केरल की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने असहमति जताते हुए कहा, ‘‘ऐसा कर पाना हमारे लिए कुछ हद तक मुश्किल है।… 5,000 करोड़ रुपये से बात नहीं बन पाएगी। न्यूनतम 10,000 करोड़ रुपये की जरूरत है।’’

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय