जीएसटी पंजीकरण में तेजी लाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं केंद्र और राज्य

जीएसटी पंजीकरण में तेजी लाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं केंद्र और राज्य

जीएसटी पंजीकरण में तेजी लाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं केंद्र और राज्य
Modified Date: August 21, 2026 / 03:09 pm IST
Published Date: August 21, 2026 3:09 pm IST

नयी दिल्ली, 21 अगस्त (भाषा) केंद्र और राज्य के कर अधिकारी ऐसे नियम बनाने पर काम कर रहे हैं, जिससे जीएसटी पंजीकरण के लिए जरूरी दस्तावेजों में एकरूपता लाई जा सके। इससे उन कारोबारियों के आवेदन जल्द मंजूर हो सकेंगे, जो हर महीने 2.5 लाख रुपये से अधिक का कर क्रेडिट यानी इनपुट टैक्स क्रेडिट आगे बढ़ाते हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

सभी राज्यों और केंद्र की सहमति बनने के बाद, इस प्रस्ताव को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता और सभी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों वाली जीएसटी परिषद के सामने रखा जाएगा।

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के सदस्य (जीएसटी) संजय मंगल ने यह भी कहा कि कर अधिकारी जीएसटी पंजीकरण रद्द करने की प्रक्रिया में स्वचालन और उन आधारों को सुव्यवस्थित करने पर भी चर्चा कर रहे हैं जिनके तहत एक जीएसटी अधिकारी किसी व्यवसाय का पंजीकरण रद्द कर सकता है।

मंगल ने कहा कि इस समय केंद्रीय जीएसटी तंत्र और विभिन्न राज्य तंत्रों द्वारा प्रति माह 2.5 लाख रुपये से अधिक का क्रेडिट आगे बढ़ाने वाले बड़े व्यवसायों को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत पंजीकरण देने में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया में असमानता है, जिससे करदाताओं के मन में अनिश्चितता पैदा होती है।

बंगाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कराधान सम्मेलन में उन्होंने कहा, ”हम एकसमान परिपत्र लाने का प्रयास कर रहे हैं, जिसे परिषद द्वारा अनुमोदित किया जाएगा। यह न केवल अधिकारियों के लिए, बल्कि करदाताओं के लिए भी एकसमान दिशानिर्देश प्रदान करेगा… हम राज्यों से बातचीत कर रहे हैं… ताकि एक समान मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) या एक समान दस्तावेज तैयार किए जा सकें।”

भाषा पाण्डेय रमण

रमण


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