केंद्र, राज्यों के स्तर पर अनुपालन बोझ कम करने के लिए किया जा रहा काम : महापात्र

केंद्र, राज्यों के स्तर पर अनुपालन बोझ कम करने के लिए किया जा रहा काम : महापात्र

केंद्र, राज्यों के स्तर पर अनुपालन बोझ कम करने के लिए किया जा रहा काम : महापात्र
Modified Date: November 29, 2022 / 08:56 pm IST
Published Date: March 9, 2021 4:08 pm IST

नयी दिल्ली, नौ मार्च (भाषा) राज्यों और केंद्र के स्तर पर अभी तक 6,000 अनुपालन नियमों की पहचान की गई है और इन अड़चनों को दूर करने के लिए काम चल रहा है। उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव गुरुप्रसाद महापात्र ने मंगलवार को यह बात कही।

महापात्र ने कहा कि इन अड़चनों को दूर कर कारोबार सुगमता की स्थिति को बेहतर करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्यों के स्तर पर अनुपालन के बोझ को कम करने के लिए प्रणालीगत तरीके से प्रक्रिया चल रही हैं। इन अनुपालन से कारोबार की लागत और समय पर प्रतिकूल असर पड़ता है।

इस प्रक्रिया को दो चरणों…31 मार्च और 15 अगस्त, 2021 में बांटा गया है।

पहले चरण के तहत …लाइसेंस नवीकरण, निरीक्षण, रिटर्न दाखिल करने के मानकीकरण और उसे डिजिटल करने के लिए काम किया जा रहा है। साथ ही सभी मैनुअल रिकॉर्ड या प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया जा रहा है।

महापात्र ने कहा कि दूसरे चरण के तहत पुराने पड़ चुके नियमों और कानूनों की पहचान और उन्हें समाप्त करने का काम किया जाएगा। साथ ही नई पीढ़ी की डिजिटल प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल को प्रोत्साहन दिया जाएगा।

महापात्र ने बताया कि आंकड़ों के अनुसार अधिकतम अनुपालन का बोझ पांच मंत्रालयों…वाणिज्य एवं उद्योग, वित्त, स्वास्थ्य, कॉरपोरेट मामलों तथा खान में है। इन 6,000 अनुपालन में से 1,500 से 2,000 केंद्र सरकार के स्तर के और शेष राज्य स्तर के हैं।

उन्होंने कहा कि निवेश को प्रोत्साहन के लिए सरकार मंजूरियों को एकल खिड़की प्रणाली पर काम कर रही है। 15 अप्रैल तक इस प्रणाली को 14 राज्यों में शुरू कर दिया जाएगा।

भाषा अजय अजय रमण

रमण


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