नयी दिल्ली, 11 मार्च (भाषा) कृषि मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि मौजूदा 2025-26 रबी (सर्दियों के मौसम) सत्र के दौरान उगाई गई लगभग 1.25 लाख टन दलहन और तिलहन फसल की तेलंगाना से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद की जाएगी।
एमएसपी पर इस खरीद में लगभग 894 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
फिलहाल, रबी (सर्दियों) के मौसम में दलहन और तिलहन की फसलें तैयार हो रही हैं।
यह खरीद ‘पीएम-आशा’ ढांचे के तहत ‘मूल्य समर्थन योजना’ (पीएसएस) के अंतर्गत की जाएगी।
पीएसएस तब सक्रिय होती है जब कटाई के व्यस्ततम मौसम में कीमतें एमएसपी से नीचे गिर जाती हैं; इस योजना के तहत खरीद, राष्ट्रीय उत्पादन के 25 प्रतिशत तक ही सीमित होती है।
एक सरकारी बयान में, मंत्रालय ने बताया कि पीएसएस के तहत तेलंगाना से 29,860 टन चना, 37,020 टन उड़द, 55,285 टन मूंगफली और 3,690 टन सूरजमुखी के बीज खरीदे जाएंगे।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस खरीद से न केवल तेलंगाना के किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा, बल्कि इससे दलहनों और तिलहनों के उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के हर किसान को उसकी कड़ी मेहनत का पूरा सम्मान और उचित मूल्य मिले।’’
नाफेड और एनसीसीएफ जैसी केंद्रीय एजेंसियां, बिचौलियों को दरकिनार करते हुए, सीधे पंजीकृत किसानों से खरीद करती हैं जो ‘उचित औसत गुणवत्ता’ (एफएक्यू) मानकों को पूरा करते हैं। खरीद से जुड़े सभी खर्च और नुकसान केंद्र सरकार ही वहन करती है।
भाषा राजेश राजेश अजय
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