इस्मा ने कहा, ई-20 पेट्रोल से गाड़ियों को नुकसान पहुंचने के दावे ‘गुमराह करने वाले’

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इस्मा ने कहा, ई-20 पेट्रोल से गाड़ियों को नुकसान पहुंचने के दावे 'गुमराह करने वाले'

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  • Publish Date - July 8, 2026 / 08:04 PM IST,
    Updated On - July 8, 2026 / 08:04 PM IST

नयी दिल्ली, आठ जुलाई (भाषा) भारतीय चीनी एवं जैव-उर्जा विनिर्माता संघ (इस्मा) ने बुधवार को कहा कि ई-20 पेट्रोल से गाड़ियों को नुकसान पहुंचने, कीड़े-मकोड़े आने, बीमा अमान्य होने या ईंधन में सीधे गन्ने का रस मिलाने जैसे हालिया दावे ‘गुमराह करने वाले और तथ्यों के हिसाब से गलत’ हैं।

उद्योग निकाय ने अपील की कि एथनॉल-मिश्रित पेट्रोल पर सार्वजनिक चर्चा वैज्ञानिक प्रमाण, प्रमाणित आंकड़ों और सरकारी स्पष्टीकरणों पर आधारित होनी चाहिए।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा है कि भारत का एथनॉल मिश्रण कार्यक्रम वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित, कड़ाई से परीक्षण, और लगातार निगरानी किया जाने वाला कार्यक्रम है, जिसे पेट्रोलियम विपणन कंपनियों, वाहन विनिर्माताओं, ईंधन जांच एजेंसियों और अन्य अंशधारकों के साथ मिलकर तैयार किया गया है। सरकार ने कहा कि ई-20 पेट्रोल की पेशकश के बाद से इंजन फेल होने या गाड़ी खराब होने की कोई घटना इससे जुड़ी नहीं पाई गई है।

उद्योग के प्रतिनिधियों ने कहा कि ‘माइलेज’ में जो भी अंतर देखा गया, वह बहुत कम था, जबकि ई-20 उत्सर्जन कम करने, तेल आयात घटाने, विदेशी मुद्रा बचाने और किसानों की आय बढ़ाने में मदद करता है।

इस्मा के महानिदेशक, दीपक बल्लानी ने बयान में कहा, ‘‘भारत का एथनॉल कार्यक्रम ऊर्जा सुरक्षा, किसानों के कल्याण और स्वच्छ परिवहन को एक साथ लाने के देश के सबसे सफल उदाहरणों में से एक है।’’

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय