कोल इंडिया पूंजीगत व्यय अप्रैल-दिसंबर में 37.4 प्रतिशत बढ़कर 10,717 करोड़ रुपये पर

कोल इंडिया पूंजीगत व्यय अप्रैल-दिसंबर में 37.4 प्रतिशत बढ़कर 10,717 करोड़ रुपये पर

कोल इंडिया पूंजीगत व्यय अप्रैल-दिसंबर में 37.4 प्रतिशत बढ़कर 10,717 करोड़ रुपये पर
Modified Date: November 29, 2022 / 08:29 pm IST
Published Date: January 5, 2022 4:55 pm IST

नयी दिल्ली, पांच जनवरी (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) का पूंजीगत व्यय चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों में 10,717 करोड़ रुपये रहा है। कंपनी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

सीआईएल ने एक बयान में कहा कि अप्रैल-दिसंबर, 2021 के दौरान उसका पूंजीगत व्यय एक साल पहले की समान अवधि से 37.4 प्रतिशत अधिक है। वित्त वर्ष 2020-21 के पहले नौ महीनों में कंपनी ने 7,801 करोड़ रुपये का पूंजी व्यय किया था।

सीआईएल के मुताबिक, इस अवधि में उसके पूंजीगत व्यय का बड़ा हिस्सा भूमि अधिग्रहण, भारी मशीनों की खरीद और संयुक्त उद्यमों के मद में हुआ। यह राशि 5,786 करोड़ रुपये रही जो इस दौरान के कुल पूंजी व्यय का 54 प्रतिशत बैठता है।

इसके अलावा कोयले का निस्तारण करने वाले संयंत्रों के निर्माण पर 1,344 करोड़ रुपये और रेल गलियारों पर 1,785 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। यह कंपनी के कुल पूंजीगत व्यय का 29 फीसदी है।

कोल इंडिया ने कहा कि वह रेल मार्ग से ढुलाई क्षमता के विस्तार पर ध्यान दे रही है। उसका लक्ष्य वर्ष 2023-24 के अंत तक रेल मार्ग से कोयला ढुलाई की क्षमता में 33 करोड़ टन प्रतिवर्ष की वृद्धि करना है।

बयान के मुताबिक, सीआईएल पुरानी मशीनरी की जगह उन्नत प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल बढ़ाना चाहती है। इसके लिए वह कोयले के खनन में भारी मशीनों का इस्तेमाल बढ़ा रही है।

भाषा

प्रेम अजय

अजय


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