नयी दिल्ली, 27 मई (भाषा) संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया (सीआईएल) के शेयर को हाथों हाथ लिया और पहले ही दिन लगभग 19,000 करोड़ रुपये की बोली लगायी।
सरकार कोल इंडिया में 12.32 करोड़ से अधिक शेयर यानी दो प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेच रही है। इसके लिए न्यूनतम 412 रुपये प्रति शेयर का मूल्य तय किया गया है। इसमें एक प्रतिशत का ‘ग्रीन-शू’ विकल्प यानी अधिक बोली आने पर उसे रखने का विकल्प भी शामिल है। खुदरा निवेशक 29 मई को बिक्री पेशकश (ओएफएस) में बोली लगा सकेंगे।
गैर-खुदरा या संस्थागत निवेशकों ने 45.15 करोड़ से अधिक शेयर के लिए बोली लगायी, जो उनके लिए आरक्षित शेयरों की संख्या से आठ गुना अधिक है। यह बोली 436.69 रुपये प्रति शेयर के भाव पर लगायी गयी, जो निर्धारित न्यूनतम मूल्य से काफी अधिक है।
इस मूल्य पर 45.15 करोड़ से अधिक शेयरों के लिए बोलियां लगभग 19,000 करोड़ रुपये की बैठती है।
निवेशकों की रुचि को देखते हुए, सरकार द्वारा बिक्री पेशकश में ‘ग्रीन-शू’ विकल्प का प्रयोग करने की संभावना है।
सरकार द्वारा तय 412 रुपये का न्यूनतम मूल्य मंगलवार के बंद भाव 458.25 रुपये से लगभग 10 प्रतिशत कम है।
बुधवार को कंपनी का शेयर पिछले बंद भाव से 1.01 प्रतिशत बढ़कर 462.90 रुपये पर बंद हुआ।
चालू वित्त वर्ष में यह किसी सरकारी कंपनी का दूसरा ओएफएस है। इससे पहले सरकार ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 8.08 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर 2,266 करोड़ रुपये जुटाए थे।
भाषा यासिर रमण
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