क्षतिपूर्ति उपकर को शामिल कर जीएसटी राजस्व की तुलना ‘भ्रामक और शरारतपूर्ण’: सीबीआईसी

क्षतिपूर्ति उपकर को शामिल कर जीएसटी राजस्व की तुलना ‘भ्रामक और शरारतपूर्ण’: सीबीआईसी

क्षतिपूर्ति उपकर को शामिल कर जीएसटी राजस्व की तुलना ‘भ्रामक और शरारतपूर्ण’: सीबीआईसी
Modified Date: September 9, 2026 / 09:43 pm IST
Published Date: September 9, 2026 9:43 pm IST

नयी दिल्ली, नौ सितंबर (भाषा) केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने बुधवार को कहा कि मासिक जीएसटी राजस्व में वृद्धि के आंकड़े तुलनात्मक कर आधार पर निकाले जाते हैं। उसने पुराने क्षतिपूर्ति उपकर को शामिल कर अपने हिसाब से आंकड़ों की तुलना करने को ‘भ्रामक और शरारतपूर्ण’ बताया।

सीबीआईसी ने पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग के सोशल मीडिया पोस्ट के जवाब में कहा कि हर महीने जारी किए जाने वाले माल एवं सेवा कर (जीएसटी) राजस्व के आंकड़े जीएसटी संग्रह के प्रदर्शन की सही तस्वीर पेश करते हैं और इनमें पूरी जानकारी दी जाती है। वृद्धि दर का उद्देश्य यह बताना है कि कर आधार में किस तरह बदलाव आया है।

सीबीआईसी ने कहा, ‘‘वृद्धि दर तभी सार्थक होती है, जब उसकी गणना समान आधार पर की जाए, यानी तुलना के दोनों पक्षों में समान करों को शामिल किया जाए। अन्यथा यह सेब और संतरे की तुलना करने जैसा है।’’

गर्ग ने सोशल मीडिया मंच पर लिखा कि सरकार का सकल जीएसटी संग्रह इस साल अगस्त में 1.99 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की तुलना में 14.8 प्रतिशत अधिक है। चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों में जीएसटी संग्रह 10.43 लाख करोड़ रुपये रहा, जो 11 प्रतिशत की वृद्धि है।

उन्होंने लिखा, ‘‘हालांकि, सरकार ने एक चाल चली है। 2025-26 के जीएसटी उपकर को चुपचाप आंकड़ों से हटा दिया गया है। इसे शामिल करने पर पांच महीने में सकल जीएसटी वृद्धि 4.08 प्रतिशत और शुद्ध वृद्धि केवल 1.30 प्रतिशत रह जाती है, जो बेहद खराब प्रदर्शन है।”

इसके जवाब में सीबीआईसी ने कहा कि दो अलग-अलग आधार से आंकड़े चुनकर उनकी तुलना करने की कोशिश पूरी तरह ‘भ्रामक’ और शरारतपूर्ण’ है।

सीबीआईसी ने कहा, ‘‘निष्पक्ष विश्लेषण में समान चीजों की तुलना समान चीजों से होनी चाहिए, न कि दो बिल्कुल अलग आंकड़ा समूहों की तुलना करके लोगों को गुमराह किया जाना चाहिए।’’

जीएसटी परिषद ने पिछले साल 22 सितंबर, 2025 से तंबाकू और उससे जुड़े उत्पादों को छोड़कर सभी वस्तुओं पर क्षतिपूर्ति उपकर समाप्त करने का फैसला किया था। तंबाकू और संबंधित उत्पादों पर भी उपकर एक फरवरी, 2026 से हटा दिया गया। इसके बाद संबंधित अवधि में उपकर संग्रह नहीं हुआ।

सीबीआईसी ने कहा कि नवंबर, 2025 से यानी जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाये जाने के बाद की पहली कर अवधि से, जीएसटी राजस्व के आंकड़ों में क्षतिपूर्ति उपकर को अलग से दिखाया जा रहा है। सालाना वृद्धि की गणना संबंधित अवधि के केंद्रीय जीएसटी, राज्य जीएसटी और एकीकृत जीएसटी वाले कर आधार पर की गई है।

भाषा रमण अजय

अजय


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