ब्रिक्स देशों के प्रतिस्पर्धा नियामकों के बीच निरंतर सहयोग जरूरी: सीसीआई प्रमुख

ब्रिक्स देशों के प्रतिस्पर्धा नियामकों के बीच निरंतर सहयोग जरूरी: सीसीआई प्रमुख

ब्रिक्स देशों के प्रतिस्पर्धा नियामकों के बीच निरंतर सहयोग जरूरी: सीसीआई प्रमुख
Modified Date: August 9, 2026 / 04:00 pm IST
Published Date: August 9, 2026 4:00 pm IST

नयी दिल्ली, नौ अगस्त (भाषा) भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की चेयरपर्सन रवनीत कौर ने कहा है कि ब्रिक्स देशों के प्रतिस्पर्धा नियामकों के बीच निरंतर सहयोग से प्रतिस्पर्धा कानून के प्रभावी और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। साथ ही, नवीकरणीय ऊर्जा बाजार में निष्पक्ष और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को भी बढ़ावा मिलेगा।

कौर ने यह बात शनिवार को राजस्थान के उदयपुर में आयोजित ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका का समूह) देशों के प्रतिस्पर्धा प्राधिकरणों के प्रमुखों की बैठक में कही।

सीसीआई की ओर से जारी बयान के अनुसार, बैठक में विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने देशों में प्रतिस्पर्धा कानून और नीति से जुड़े हालिया घटनाक्रम, महत्वपूर्ण प्रवर्तन उपायों तथा घरेलू बाजारों में उभरती चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया।

बैठक में ‘ब्रिक्स देशों में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में उभरते प्रतिस्पर्धी परिदृश्य’ विषय पर संयुक्त अध्ययन के प्रमुख निष्कर्ष भी प्रस्तुत किए गए।

अपने विशेष संबोधन में कौर ने कहा कि डिजिटल बाजार और उभरती प्रौद्योगिकियां लगातार सीमाओं से परे फैल रही हैं। ऐसे में ब्रिक्स देशों के प्रतिस्पर्धा प्राधिकरणों के बीच निरंतर सहयोग और ज्ञान का आदान-प्रदान प्रतिस्पर्धा कानून के प्रभावी और भविष्योन्मुख क्रियान्वयन के लिए आवश्यक होगा।

उन्होंने कहा कि यह सहयोग निष्पक्ष और प्रतिस्पर्धी नवीकरणीय ऊर्जा बाजार को बढ़ावा देने के साथ-साथ सतत विकास और ऊर्जा सुरक्षा के साझा लक्ष्यों को हासिल करने में भी सहायक होगा।

भाषा योगेश अजय

अजय


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