मुंबई, 22 जून (भाषा) सरकारी प्रतिभूतियों के प्रतिफल में आए बदलावों के साथ-साथ जून में कंपनी बॉन्ड का प्रतिफल भी अलग-अलग अवधि और रेटिंग श्रेणी में नरम हुआ है। भारतीय रिजर्व बैंक के सोमवार को जारी के ताजा मासिक बुलेटिन में यह कहा गया है।
इसके अलावा, इस अवधि में जोखिम-मुक्त बॉन्ड (सरकारी बॉन्ड) और कंपनी या अन्य जोखिम वाले बॉन्ड के बीच का प्रतिफल के अंतर में वृद्धि हुई है।
केंद्रीय बैंक के बुलेटिन के अनुसार, 29 मई और 18 जून के बीच एक-साल, तीन-साल और पांच-साल की परिपक्वता एएए रेटिंग बॉन्ड के प्रतिफल में गिरावट आई।
एएए रेटिंग वाले (1-साल) बॉन्ड पर प्रतिफल 29 मई के 7.89 प्रतिशत से घटकर 18 जून को 7.54 प्रतिशत हो गया। इसी तरह, इस दौरान एएए (3-साल) और एएए (5-साल) रेटिंग वाले वाले बॉन्ड पर प्रतिफल में क्रमशः 0.23 प्रतिशत और 0.33 प्रतिशत की कमी आई।
एए-रेटिंग वाले तीन-साल के बॉन्ड पर भी प्रतिफल 0.29 प्रतिशत घटकर 8.58 प्रतिशत से 8.29 प्रतिशत पर आ गया।
यह कमी कम रेटिंग वाले कॉरपोरेट बॉन्ड में भी देखी गई। इसमें बीबीबी-माइनस (3-साल) बॉन्ड का प्रतिफल 29 मई के 12.19 प्रतिशत से घटकर 18 जून को 11.90 प्रतिशत पर आ गया।
अप्रैल में नरमी के बाद, पश्चिम एशिया में बातचीत रुकने के कारण मई में सरकारी प्रतिभूतियों के प्रतिफल में तेजी आई। हालांकि, विदेशी पूंजी को आकर्षित करने के लिए सरकार और केंद्रीय बैंक द्वारा उठाए गए कदमों और हाल ही में इस क्षेत्र में शांति समझौते की घोषणा के बाद प्रतिफल में नरमी आई है।
इस बीच, केंद्रीय बैंक ने बताया कि अप्रैल, 2026 में नए कॉरपोरेट बॉन्ड जारी करने में पिछले महीने की तुलना में कमी आई है।
भाषा रमण अजय
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