शिमला, 22 जून (भाषा) हिमाचल प्रदेश सरकार ने इस साल 19 पनबिजली परियोजनाओं को अमल में लाने के समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इन परियोजनाओं की कुल क्षमता 278 मेगावाट है और इनमें लगभग 3,336 करोड़ रुपये का अनुमानित निवेश होगा। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
इन परियोजनाओं में नौ मेगावाट सोयल दशाल, छह मेगावाट खौली-दो, नौ मेगावाट ग्रामंग, 10 मेगावाट उमली, 24 मेगावाट भरमौर स्टेज-एक, 21 मेगावाट भरमौर स्टेज-दो, 22.5 मेगावाट हरसर स्टेज-दो, 19 मेगावाट हरसर स्टेज-तीन, 24 मेगावाट टुंडा स्टेज-दो, 18 मेगावाट जंगलिक, 15 मेगावाट रूपिन स्टेज-दो शामिल हैं।
यहां जारी एक बयान के अनुसार, इनमें 17 मेगावाट डुनाली-एक और दो, 12 मेगावाट जारी, 18 मेगावाट तोरल कुंडली, 15 मेगावाट टुंडन, 10 मेगावाट कोट डोगरी, आठ मेगावाट अपर कुर्मी, 11 मेगावाट कलाल खोल और 9.6 मेगावाट मेलन पनबिजली परियोजनाओं भी शामिल हैं।
राज्य सरकार ने 15 बिजली परियोजनाओं का आवंटन रद्द कर दिया है, क्योंकि यह देखा गया कि ‘डेवलपर्स’ ने अपने परियोजनाओं को लागू करने में बहुत कम दिलचस्पी दिखाई थी। अब, इन परियोजनाओं को तेज़ी से लागू करने के लिए अंतरराष्ट्रीय बोलियां आमंत्रित करने की कोशिशें चल रही हैं।
ऊर्जा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि मौजूदा राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश की विशाल पनबिजली क्षमता का इस्तेमाल करने के लिए प्रतिबद्ध है।
भाषा राजेश राजेश अजय
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