नयी दिल्ली, 28 जुलाई (भाषा) इस साल जून में 150 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की लागत में कुल मिलाकर लगभग 4,92,752 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। सरकार की एक मासिक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि 17 केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों की कुल 1,847 बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की निगरानी की गई। इस दौरान यह पाया गया कि उनकी 35,61,721 करोड़ रुपये की मूल लागत की तुलना में कुल संशोधित लागत 40,54,473 करोड़ रुपये थी।
हालांकि, रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि कुल कितनी परियोजनाओं की लागत बढ़ी है। इन परियोजनाओं पर कुल 21.97 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जो संशोधित परियोजना लागत का लगभग 54.18 प्रतिशत है।
इसमें 709 परियोजनाओं (39 प्रतिशत) ने 80 प्रतिशत से अधिक भौतिक प्रगति हासिल की है, जबकि 337 (19 प्रतिशत) ने 80 प्रतिशत वित्तीय पूर्णता पार कर ली है।
परिवहन और लॉजिस्टिक क्षेत्र में सबसे अधिक परियोजनाएं (1,341 परियोजनाएं) इस समय चल रही हैं, जिनका संशोधित अनुमान 22.32 लाख करोड़ रुपये है।
इस समय चल रही 1,847 बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में कुल 30.51 लाख करोड़ रुपये की मूल लागत वाली 769 विशाल परियोजनाएं (1,000 करोड़ रुपये और उससे अधिक की परियोजना लागत) और कुल 5.10 लाख करोड़ रुपये की 1,078 प्रमुख परियोजनाएं (1,000 करोड़ रुपये से कम और 150 करोड़ रुपये तक की परियोजना लागत) शामिल हैं।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के पास सबसे अधिक 1,022 परियोजनाएं (55 प्रतिशत) हैं, जिनकी कुल लागत 9.89 लाख करोड़ रुपये है। रेल मंत्रालय 8.69 लाख करोड़ रुपये की लागत के साथ 255 परियोजनाओं (14 प्रतिशत) को लागू कर रहा है।
कोयला मंत्रालय 2.22 लाख करोड़ रुपये (छह प्रतिशत) की कुल लागत वाली 121 परियोजनाओं को लागू कर रहा है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, बिजली मंत्रालय, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय, तथा जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग क्रमशः 105, 98, 50 और 40 परियोजनाओं को लागू कर रहे हैं।
भाषा पाण्डेय अजय
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