बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की लागत 3.4 लाख करोड़ रुपये बढ़ी: सांख्यिकी मंत्रालय

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बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की लागत 3.4 लाख करोड़ रुपये बढ़ी: सांख्यिकी मंत्रालय

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  • Publish Date - August 25, 2026 / 06:06 PM IST,
    Updated On - August 25, 2026 / 06:06 PM IST

नयी दिल्ली, 25 अगस्त (भाषा) देश में 150 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में लागत में कुल मिलाकर करीब 3,40,504 करोड़ रुपये की लागत बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकार की ओर जारी जुलाई, 2026 की मासिक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

कुल 17 केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों की 1,775 जारी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की निगरानी की गई। इनमें कुल संशोधित लागत 37,10,642 करोड़ रुपये पाई गई जबकि इनकी मूल लागत 33,70,138 करोड़ रुपये थी।

रिपोर्ट में हालांकि यह नहीं बताया गया कि वास्तव में कितनी परियोजनाओं की लागत बढ़ी है।

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने बयान में कहा कि इन परियोजनाओं पर अब तक 19.26 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जो संशोधित परियोजना लागत का करीब 51.91 प्रतिशत है। यह परियोजनाओं के कार्यान्वयन में लगातार प्रगति को दर्शाता है।

काफी संख्या में परियोजनाएं निर्माण के उन्नत चरण में हैं। कुल 675 परियोजनाओं (38 प्रतिशत) में 80 प्रतिशत से अधिक भौतिक प्रगति हुई है, जबकि 305 परियोजनाओं (17 प्रतिशत) में 80 प्रतिशत से अधिक वित्तीय प्रगति दर्ज की गई है।

आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि परियोजनाएं कार्यान्वयन के शुरुआती और उन्नत दोनों चरणों में हैं।

परिवहन एवं लॉजिस्टिक क्षेत्र में सबसे अधिक 1,246 परियोजनाएं जारी हैं। इनकी संशोधित लागत 19.81 लाख करोड़ रुपये है जो संपर्क आधारित बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता दिए जाने को दर्शाता है। ऊर्जा क्षेत्र 205 परियोजनाओं में कुल संशोधित लागत के 29 प्रतिशत यानी 10.66 लाख करोड़ रुपये के साथ दूसरे स्थान पर है।

संचार बुनियादी ढांचे से जुड़ी 31 परियोजनाओं की लागत 1.34 लाख करोड़ रुपये (चार प्रतिशत) है। ये डिजिटल संपर्क मजबूत करने के उद्देश्य से किए जा रहे लक्षित निवेश को दर्शाती हैं।

जल एवं स्वच्छता से जुड़ी 53 परियोजनाओं की लागत 2.05 लाख करोड़ रुपये (पांच प्रतिशत) है।

सामाजिक एवं वाणिज्यिक बुनियादी ढांचे में 91 परियोजनाएं शामिल हैं, जिनकी संशोधित लागत 99 हजार करोड़ रुपये (तीन प्रतिशत) है। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, रियल एस्टेट तथा पर्यटन, आतिथ्य और वेलनेस क्षेत्र में चुनिंदा निवेश शामिल हैं।

‘अन्य’ श्रेणी की 149 परियोजनाओं की लागत 2.26 लाख करोड़ रुपये (छह प्रतिशत) है। इनमें कोयला, इस्पात, धातु और खनन जैसे क्षेत्रों की परियोजनाएं शामिल हैं।

भाषा निहारिका अजय

अजय