घरेलू मांग, विनिर्माण, सेवा क्षेत्रों से अर्थव्यवस्था को मिली मजबूतीः आरबीआई बुलेटिन

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घरेलू मांग, विनिर्माण, सेवा क्षेत्रों से अर्थव्यवस्था को मिली मजबूतीः आरबीआई बुलेटिन

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  • Publish Date - August 25, 2026 / 06:39 PM IST,
    Updated On - August 25, 2026 / 06:39 PM IST

मुंबई, 25 अगस्त (भाषा) प्रतिकूल वैश्विक परिस्थितियों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था ने उल्लेखनीय मजबूती दिखाई है। घरेलू मांग में तेजी के साथ विनिर्माण एवं सेवा गतिविधियों में बढ़ोतरी से अर्थव्यवस्था को गति मिल रही है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के मंगलवार को जारी बुलेटिन में यह बात कही गई।

अगस्त बुलेटिन में प्रकाशित ‘अर्थव्यवस्था की स्थिति’ संबंधी लेख के मुताबिक, जुलाई में दक्षिण-पश्चिम मानसून की स्थिति सुधरने से खरीफ फसलों की बुवाई सामान्य रकबे के करीब पहुंच गई, जिससे कृषि क्षेत्र के समक्ष मौजूद कुछ जोखिमों को कम करने में मदद मिली।

हालांकि, पश्चिम एशिया में बने भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका की ओर से लगाए गए नए शुल्क वैश्विक आर्थिक परिदृश्य को प्रभावित कर रहे हैं।

लेख में कहा गया, ‘‘वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही की रफ्तार जुलाई में भी जारी रही। अधिकांश ताजा आर्थिक संकेतकों से विनिर्माण और सेवा गतिविधियों में निरंतर मजबूती तथा वस्तुओं के निर्यात और आयात में दोहरे अंक की वृद्धि का पता चलता है।’’

लेख कहता है कि मुख्य खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर निर्धारित लक्ष्य से ऊपर चली गई, लेकिन इसका मुख्य कारण आपूर्ति पक्ष का दबाव रहा। स्थिर मूल मुद्रास्फीति से लागत संबंधी दबाव के सीमित असर की पुष्टि होती है।

आरबीआई बुलेटिन का यह लेख कहता है, ‘‘नकदी की स्थिति में सुधार से ऋण वृद्धि और निवेश गतिविधियों को समर्थन मिला। विदेशी पूंजी का प्रवाह भी फिर बढ़ा, जिससे बाहरी क्षेत्र को मजबूती मिली।’’

आरबीआई के अनुसार, वित्तीय परिस्थितियों में ऋण वृद्धि ऊंची बनी हुई है और नकदी की स्थिति सहज है। साथ ही, पूंजी प्रवाह में सुधार से सरकारी प्रतिभूतियों पर प्रतिफल में नरमी आई है।

हालांकि, केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि बुलेटिन में प्रकाशित लेख में व्यक्त विचार लेखकों के हैं और वे आरबीआई के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय