Jagannath Rath Yatra 2026: 15 दिन के विश्राम के बाद कैसी है भगवान जगन्नाथ की तबीयत? रथ यात्रा से पहले हुआ स्वास्थ्य प्रशिक्षण, डॉक्टरों ने दी बड़ी अपडेट

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Jagannath Health Checkup: 15 दिन के विश्राम के बाद कैसी है भगवान जगन्नाथ की तबीयत? रथ यात्रा से पहले हुआ स्वास्थ्य प्रशिक्षण, डॉक्टरों ने दी बड़ी अपडेट

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  • Publish Date - July 16, 2026 / 08:46 AM IST,
    Updated On - July 16, 2026 / 08:47 AM IST

Jagannath Health Checkup | Photo Credit: AI

HIGHLIGHTS
  • महाप्रभु जगन्नाथ की रथयात्रा का भव्य आयोजन
  • रथ यात्रा से पहले हुआ भगवान जगन्नाथ का स्वास्थ्य परीक्षण
  • चिकित्सकों ने परीक्षण कर भगवान को स्वस्थ घोषित किया

जौनपुर: Jagannath Health Checkup देशभर में आज महाप्रभु जगन्नाथ रथ यात्रा (Jagannath Rath Yatra 2026) को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है। देशभर के तमाम प्रभु जगन्नाथ मंदिरों में सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिल रही है। वहीं भगवान जगन्नाथ की नगरी पुरी आज उनके रथ यात्रा के लिए भव्य रूप से सजाई गई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में भी जगन्नाथ रथ यात्रा को लेकर धूम मची हुई है। इसी बीच आज जौनपुर स्थित श्री जगन्नाथ धाम रसमंडल में परंपरा के अनुसार मंगलवार को भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। स्नान पूर्णिमा के बाद पिछले 15 दिनों से ‘अनासार’ (विश्राम काल) में विराजमान भगवान का जनपद के वरिष्ठ चिकित्सकों के दल ने परीक्षण किया और उन्हें स्वस्थ घोषित किया।

क्या है मान्यता?

Jagannath Rath Yatra 2026 दरअसल, यहां मान्यता है कि ज्येष्ठ पूर्णिमा पर विशेष स्नान के बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा अस्वस्थ हो जाते हैं। इसी वजह से आषाढ़ कृष्ण प्रतिपदा से अमावस्या तक भगवान विश्राम करते हैं और इस दौरान उनके दर्शन आम श्रद्धालुओं के लिए बंद रहते हैं। इस अवधि में उन्हें औषधीय गुणों से युक्त काढ़े का भोग लगाया जाता है।

मंगलवार को आयोजित पारंपरिक स्वास्थ्य परीक्षण में शहर के वरिष्ठ चिकित्सकों की टीम ने भगवान का परीक्षण किया। परीक्षण के बाद चिकित्सकों ने उन्हें स्वस्थ घोषित किया। मंदिर प्रशासन के अनुसार, बुधवार को भगवान को परवल के जूस का भोग अर्पित किया जाएगा, जबकि 16 जुलाई को राजसी खिचड़ी का भोग लगाकर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा भव्य रथयात्रा पर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे।

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जगन्नाथ रथयात्रा 2026 कब शुरू होगी?

16 जुलाई से, और 24 जुलाई तक चलेगी।

अनासार परंपरा क्या है?

स्नान पूर्णिमा के बाद भगवान 15 दिन विश्राम करते हैं और दर्शन बंद रहते हैं।

जौनपुर में भगवान का स्वास्थ्य परीक्षण क्यों किया गया?

परंपरा के अनुसार स्नान पूर्णिमा के बाद भगवान अस्वस्थ माने जाते हैं, इसलिए चिकित्सक परीक्षण करते हैं।