कच्चे तेल के दाम में तेजी से शेयर बाजार में चौथे दिन गिरावट; सेंसेक्स 417 अंक टूटा, निफ्टी भी फिसला

कच्चे तेल के दाम में तेजी से शेयर बाजार में चौथे दिन गिरावट; सेंसेक्स 417 अंक टूटा, निफ्टी भी फिसला

कच्चे तेल के दाम में तेजी से शेयर बाजार में चौथे दिन गिरावट; सेंसेक्स 417 अंक टूटा, निफ्टी भी फिसला
Modified Date: September 3, 2026 / 06:31 pm IST
Published Date: September 3, 2026 6:31 pm IST

मुंबई, तीन सितंबर (भाषा) कच्चे तेल के दाम में तेजी तथा सूचना प्रौद्योगिकी शेयरों में बिकवाली से घरेलू शेयर बाजार में बृहस्पतिवार को लगातार चौथे दिन गिरावट आई और दोनों मानक सूचकांक नुकसान में रहे। बीएसई सेंसेक्स 417 टूटा जबकि एनएसई निफ्टी 41 अंक फिसल गया।

तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 417.49 अंक यानी 0.55 प्रतिशत टूटकर 76,152.86 अंक पर बंद हुआ।

सेंसेक्स बढ़त के साथ खुला और एक समय 354.13 अंक चढ़कर 76,924.48 अंक के उच्च स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि, बाद में इसने अपनी बढ़त गंवा दी।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित निफ्टी भी 41 अंक यानी 0.17 प्रतिशत फिसलकर 23,873.45 अंक पर बंद हुआ।

वैश्विक बाजारों में सुधार और हाल में विदेशी पूंजी के प्रवाह से शुरुआती कारोबार में बाजार में आई तेजी वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों के सतर्क रुख के कारण कारोबार के अंतिम घंटे में कमजोर पड़ गई।

सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में टाइटन, ट्रेंट, आईटीसी, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फिनसर्व, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, सन फार्मास्युटिकल्स, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, अल्ट्राटेक सीमेंट और बजाज फाइनेंस प्रमुख रूप से नुकसान में रहीं।

दूसरी ओर, लाभ में रहने वाले शेयरों में एक्सिस बैंक, अदाणी पोर्ट्स, एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लि. और टाटा स्टील शामिल हैं।

बीएसई में सूचीबद्ध शेयरों में से 2,545 लाभ में रहे, जबकि 1,778 में गिरावट दर्ज की गयी। वहीं 223 के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.57 प्रतिशत बढ़कर 97.13 डॉलर प्रति बैरल हो गया।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘कच्चे तेल की कीमतों में तेजी घरेलू बाजार के लिए प्रमुख दबाव का कारण बना हुआ है।’’

उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर मिले सकारात्मक संकेतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लिवाली के बावजूद लगातार बनी वैश्विक चिंताओं और वैश्विक बॉन्ड प्रतिफल ऊंचा रहने के कारण बाजार में सुधार की कोशिश फीकी पड़ गई।

नायर ने कहा, ‘‘बैंक और रियल्टी शेयरों ने बाजार को कुछ राहत दी जबकि छोटी कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की रुचि बनी रही, जो घरेलू वृद्धि की संभावनाओं में भरोसे को बताता है।’’

मानक सूचकांकों में गिरावट के बावजूद छोटी और मझोली कंपनियों से जुड़े सूचकांकों में तेजी रही। स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 1.02 प्रतिशत चढ़ा, जबकि मिडकैप सेलेक्ट में 0.09 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

ब्रोकरेज मंच लेमन के शोध प्रमुख गौरव गर्ग ने कहा, ‘‘भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव रहा। मानक सूचकांक शुरुआती बढ़त बरकरार नहीं रख सके और ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली के दबाव में गिरावट के साथ बंद हुए।’’

उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितताओं और निवेशकों के कमजोर रुख के बीच बाजार सतर्क रहा। प्रमुख क्षेत्रों में बिकवाली के दबाव ने भी गिरावट को बढ़ाया।

एशिया के अन्य बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। हांगकांग के हैंग सेंग और जापान के निक्की में गिरावट रही। चीन का शंघाई एसएसई कम्पोजिट स्थिर बंद हुआ, जबकि दक्षिण कोरिया का कॉस्पी बढ़त में रहा।

यूरोप के प्रमुख बाजारों में भी दोपहर के कारोबार में गिरावट का रुख था। अमेरिकी बाजार बुधवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे।

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 6,688.37 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने भी 2,812.98 करोड़ रुपये की लिवाली की।

बीएसई सेंसेक्स बुधवार को 373.93 अंक टूटकर 76,570.35 अंक पर बंद हुआ था, जबकि एनएसई निफ्टी 141.35 अंक की गिरावट के साथ 23,914.45 अंक पर बंद हुआ था।

भाषा रमण अजय

अजय


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