अधिकांश तेल-तिलहनों में गिरावट
अधिकांश तेल-तिलहनों में गिरावट
नयी दिल्ली, 23 नवंबर (भाषा) बंदरगाहों पर आयातित खाद्य तेल को लागत से कम दाम पर बेचे जाने के चलन के बीच देश के तेल-तिलहन बाजारों में बृहस्पतिवार को मूंगफली तेल-तिलहन और सोयाबीन तिलहन में स्थिरता को छोड़कर बाकी सभी तेल-तिलहनों में गिरावट का रुख रहा और सरसों तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल के भाव हानि दर्शाते बंद हुए।
कारोबारी सूत्रों ने कहा कि शिकॉगो एक्सचेंज में आज छुट्टी है जबकि मलेशिया एक्सचेंज में मामूली गिरावट का रुख है। मलेशिया एक्सचेंज में इस गिरावट की वजह से देशी तेल-तिलहनों पर दबाव है।
इस बीच, देश के प्रमुख तेल संगठन साल्वेंट एक्स्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन (एसईए) ने कहा कि कच्चे पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन के बीच आयात शुल्क का अंतर 7.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किया जाना चाहिये जिससे रिफाइंड तेल (पामोलीन) के आयात में कमी आयेगी और घरेलू रिफाइनिंग उद्योग प्रभावित नहीं होंगे जो फिलहाल पैकर्स के रूप में काम कर रही हैं। इस स्थिति से बैंकों की गैर-निष्पादक आस्तियां (एनपीए) बढ़ सकती हैं।
एसईए की इस चिंता के बारे में सूत्रों ने कहा कि उसकी चिंता केवल पाम पामोलीन के आयात शुल्क अंतर को लेकर ही दिखती है। जबकि दोनों के आयात पर केवल लगभग 50 पैसे का अंतर बैठता है। सीपीओ आयात कर उससे पामोलीन बनाने की लागत 87.50 रुपये किलो बैठती है जबकि सीधे पामोलीन के आयात की लागत है लगभग 87 रुपये किलो।
इस प्रकार, पामोलीन की तुलना में सोयाबीन डीगम के आयात में 3-4 रुपये किलो का नुकसान तो काफी है। यानी सोयाबीन डीगम तेल का आयात करने पर 94 रुपये किलो की लागत बैठती है और इस कच्चे तेल को बंदरगाह पर 90.50 रुपये किलो के आसपास के भाव पर पिछले काफी समय से बेचा जा रहा है। सवाल यह है कि इसके बारे में कौन आवाज उठायेगा ? इसी तरह सरसों, मूंगफली, सूरजमुखी और बिनौला अन्य तेल- तिलहन भी लागत से कम दाम पर बिक रहे हैं। इससे आगे जाकर इस तेल का आयात भी प्रभावित हो सकता है। इन सबके बारे में कौन बोलेगा ?
सूत्रों ने कहा कि किसानों द्वारा नीचे भाव पर बिकवाली नहीं करने से मूंगफली तेल-तिलहन और सोयाबीन तिलहन के दाम भी पूर्वस्तर पर बंद हुए।
बृहस्पतिवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन – 5,725-5,775 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली – 6,650-6,725 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 15,500 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली रिफाइंड तेल 2,305-2,590 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 10,700 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 1,815 -1,910 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 1,815 -1,925 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी – 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,600 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 10,400 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 9,050 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 8,475 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 9,150 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 9,350 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 8,650 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना – 5,360-5,410 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज- 5,160-5,210 रुपये प्रति क्विंटल।
मक्का खल (सरिस्का)- 4,050 रुपये प्रति क्विंटल।
भाषा राजेश राजेश अजय
अजय

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