सोने के दाम चढ़ने के बाद चांदी के आभूषणों की मांग बढ़ी, हॉलमार्किंग क्षमता बढ़ाएगा बीआईएस

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सोने के दाम चढ़ने के बाद चांदी के आभूषणों की मांग बढ़ी, हॉलमार्किंग क्षमता बढ़ाएगा बीआईएस

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  • Publish Date - August 9, 2026 / 12:23 PM IST,
    Updated On - August 9, 2026 / 12:23 PM IST

नयी दिल्ली, नौ अगस्त (भाषा) सोने की कीमतों में तेज उछाल के बीच चांदी के आभूषणों की बढ़ती मांग को देखते हुए भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने उनकी (चांदी के आभूषणों की) जांच क्षमता बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। बीआईएस अगले दो साल में देशभर में चांदी के आभूषणों की जांच के लिए ‘संदर्भ’ और ‘परीक्षण’ प्रयोगशालाओं का विस्तार करेगा।

बीआईएस की उप महानिदेशक (प्रयोगशाला) निशात एस हक ने पीटीआई-भाषा को बताया कि चांदी के आभूषणों की जांच की बढ़ती जरूरत को देखते हुए संगठन ने अपनी तैयारियों का आकलन कर लिया है और अब अपनी प्रयोगशालाओं में बड़े पैमाने पर जांच के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा कि अगले करीब दो साल तक बीआईएस अपनी मौजूदा प्रयोगशालाओं के जरिये बढ़ी हुई जरूरत को पूरा करने में सक्षम होगा। इस अवधि के दौरान देशभर में संदर्भ और परीक्षण प्रयोगशालाओं का विस्तार किया जाएगा।

चांदी की हॉलमार्किंग वर्ष, 2005 से स्वैच्छिक है। सितंबर, 2025 से हॉलमार्क वाले चांदी के आभूषणों पर हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन (एचयूआईडी) नंबर भी दिया जा रहा है, जिससे उपभोक्ता आभूषण की शुद्धता की जांच कर सकते हैं।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में हॉलमार्क किए गए चांदी के आभूषणों की संख्या बढ़कर 59 लाख हो गई, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 32 लाख थी। फिलहाल देशभर में करीब 230 संदर्भ और परीक्षण केंद्र बीआईएस से मान्यता प्राप्त हैं जो चांदी के आभूषणों की जांच करते हैं।

हक ने कहा कि हॉलमार्क वाले सोने के आभूषणों की बाजार निगरानी के तहत होने वाली सभी जांच बीआईएस अपनी प्रयोगशालाओं में ही करता है। इस काम को बाहरी प्रयोगशालाओं को नहीं सौंपा जाता।

उन्होंने कहा कि हॉलमार्क वाले आभूषणों की बाजार निगरानी के लिए बीआईएस ने अपनी प्रयोगशाला व्यवस्था के भीतर ही संदर्भ (रेफरल) और परीक्षण (एसे) प्रयोगशाला स्थापित की है।

बीआईएस ने पिछले वर्ष करीब 2.70 लाख उत्पाद नमूनों की जांच की। संगठन के पास फिलहाल देशभर में अपनी 10 प्रयोगशालाएं हैं, जबकि मान्यता प्राप्त निजी और सूचीबद्ध सरकारी प्रयोगशालाओं का व्यापक नेटवर्क भी उसके साथ जुड़ा है।

हक के अनुसार, वर्ष 2014 में बीआईएस के साथ करीब 147 मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाएं और 24 सूचीबद्ध सरकारी प्रयोगशालाएं थीं। अब इनकी संख्या क्रमश: 440 और 350 हो गई है।

बीआईएस ने कुल करीब 23,000 मानक निर्धारित किए हैं, जिनमें लगभग 700 अनिवार्य हैं।

बीआईएस जांच की गति बढ़ाने, पारदर्शिता सुधारने और मानवीय त्रुटियों को कम करने के लिए कृत्रिम मेधा (एआई), मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स का इस्तेमाल भी बढ़ाने पर काम कर रहा है।

हक ने बताया कि इस वर्ष सीमेंट की जांच के लिए ‘पिक एंड प्लेस’ रोबोटिक इकाई का परीक्षण किया जा रहा है। इसके परिणामों के आधार पर अन्य प्रयोगशालाओं में भी रोबोटिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

भाषा अजय अजय

अजय