डिपॉजिटरी नए पुनर्खरीद नियम लागू होने से पहले परिचालन ढांचा खड़ा करेंः सेबी

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डिपॉजिटरी नए पुनर्खरीद नियम लागू होने से पहले परिचालन ढांचा खड़ा करेंः सेबी

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  • Publish Date - July 21, 2026 / 06:20 PM IST,
    Updated On - July 21, 2026 / 06:20 PM IST

नयी दिल्ली, 21 जुलाई (भाषा) बाजार नियामक सेबी ने मंगलवार को डिपॉजिटरी संस्थानों को निर्देश दिया कि वे शेयर पुनर्खरीद के दौरान प्रवर्तक हिस्सेदारी को आईएसआईएन स्तर पर ‘स्थिर’ (फ्रीज) रखने की नई व्यवस्था लागू करने के लिए एक अगस्त तक एक परिचालन ढांचा बनाएं और व्यवस्था में जरूरी सुधार लागू करें।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एक परिपत्र में डिपॉजिटरी संस्थानों से कहा है कि वे प्रवर्तक और प्रवर्तक समूह की हिस्सेदारी को आईएसआईएन स्तर पर बनाए रखने के लिए परिचालन दिशानिर्देश जारी करें। इसमें सूचीबद्ध कंपनियों द्वारा प्रवर्तक हिस्सेदारी के लेन-देन पर अस्थायी रोक लगाने के निर्देश जारी करने का प्रारूप भी शामिल होगा।

इस परिचालन ढांचे में पुनर्खरीद के ‘निविदा पेशकश’ मार्ग के जरिये प्रवर्तकों को शेयर पेश करने की अनुमति देने तथा पुनर्खरीद अवधि शुरू होने से पहले बंधक रखे गए शेयर (एनकम्ब्रेंस) को लागू करने या हटाने की प्रक्रिया भी तय की जाएगी।

सेबी ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में संबंधित शेयरों या अन्य निर्दिष्ट प्रतिभूतियों पर फ्रीज लागू रहेगा।

नियामक ने कहा, “डिपॉजिटरी यह सुनिश्चित करें कि एक अगस्त, 2026 से पहले परिचालन ढांचा और आवश्यक प्रणालीगत सुधार लागू हो जाएं।”

यह परिपत्र सेबी की एक जुलाई, 2026 को जारी अधिसूचना के बाद आया है, जिसमें ‘सेबी (प्रतिभूति पुनर्खरीद) विनियम, 2018’ में संशोधन किया गया था।

संशोधित नियमों के तहत, पुनर्खरीद को मंजूरी मिलने की तारीख से लेकर प्रस्ताव के समापन तक प्रवर्तक, प्रवर्तक समूह और उनके सहयोगियों की हिस्सेदारी आईएसआईएन स्तर पर फ्रीज रहेगी।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय