नयी दिल्ली, छह मार्च (भाषा) नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने उत्तर प्रदेश के जेवर में स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए ‘एयरोड्रोम’ लाइसेंस प्रदान कर दिया है, जिससे हवाई अड्डे को विमान संचालन की अनुमति मिल गई है।
एयरोड्रम लाइसेंस यह प्रमाणित करता है कि हवाई अड्डा सुरक्षा, बुनियादी ढांचा और परिचालन मानकों को पूरा करता है। यह लाइसेंस विमानों की उड़ान और उतरने यानी लैंडिंग (वाणिज्यिक संचालन) के लिए अनिवार्य है।
हवाई अड्डे का विकास उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार के साथ सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (वाईआईएपीएल) द्वारा किया जा रहा है।
नागर विमानन मंत्रालय ने शुक्रवार को बयान में कहा कि डीजीसीए ने उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर के जेवर में स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (एनआईए) के लिए वाईआईएपीएल को एयरोड्रोम लाइसेंस प्रदान कर दिया है।
बयान में कहा गया, ‘पहले चरण में एक रनवे और एक टर्मिनल के साथ हवाई अड्डा सालाना लगभग 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा। सभी चरणों के पूर्ण होने पर यह हवाई अड्डा सालाना सात करोड़ तक यात्रियों को संभाल सकता है।’
भाषा योगेश अजय
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