(Diesel Sales Limit New Rules/Image Credit: AI-generated)
बिजनेस: Diesel Sales Limit New Rules: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया के संघर्ष के बीच भारत में ईंधन की सप्लाई को लेकर दबाब बढ़ रहा है। इसी बीच कुछ निजी तेल कंपनियों ने अपने पेट्रोल पंपों पर डीजल की बिक्री सीमित (Diesel Sales Limit New Rules) करनी शुरू कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ Jio-BP पेट्रोल पंपों पर एक ग्राहक को अधिकतम 50 लीटर डीजल देने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं कुछ पंपों पर रोजाना कुल डीजल बिक्री की सीमा 6,000 लीटर तक तय किए जाने की जानकारी सामने आई है। नायरा एनर्जी ने कुछ पेट्रोल पंपों पर एक ग्राहक को एक बार में 70 से 200 लीटर तक डीजल देने की लिमिट (Diesel Sales Limit) की जानकारी दी है।
लेकिन इन सीमाओं का असर देशभर के सभी पेट्रोल पंपों पर नहीं है। सरकारी तेल कंपनियां इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम फिलहाल अपने पेट्रोल पंपों पर बिना ऐसी बिक्री सीमा के पेट्रोल-डीजल उपलब्ध करा रही हैं। इन कंपनियों का देश के कुल फ्यूल स्टेशनों में बड़ा हिस्सा है। इसलिए निजी पंपों पर लगाई गई सीमित पाबंदियों को फिलहाल देशव्यापी डीजल संकट नहीं माना जा रहा है। ग्राहकों को अभी भी बड़ी संख्या में सरकारी पेट्रोल पंपों पर ईंधन मिल रहा है।
डीजल की मात्रा सीमित होने (Diesel Sales Limit New Rules) से सबसे ज्यादा परेशानी लंबी दूरी के ट्रक और दूसरे कमर्शियल वाहन चालकों को हो सकती है। दूरदराज के इलाकों में पेट्रोल पंपों की संख्या कम होती है। ऐसे में ट्रक चालक अक्सर एक ही जगह बड़ी मात्रा में डीजल भरवा लेते हैं ताकि आगे रास्ते में ईंधन की कमी न हो। अगर बिक्री सीमा जारी रहती है तो उन्हें रास्ते में कई बार रुककर डीजल भरवाना पड़ सकता है। इससे यात्रा का समय और संचालन लागत बढ़ सकती है। लेकिन फिलहाल पूरे देश में डीजल की कमी जैसी स्थिति नहीं है।
डीजल बिक्री पर यह कदम ऐसे समय आया है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें काफी बढ़ी हुई हैं। रेटिंग एजेंसी इक्रा के मुताबिक, घरेलू पेट्रोल-डीजल की कीमतों (Petrol Diesel Prices) में उसी अनुपात में बदलाव नहीं होने से सरकारी तेल कंपनियों पर मार्जिन का दबाव बढ़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम को पेट्रोल पर करीब 8 रुपये और डीजल पर लगभग 9 रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है। इस स्तर पर तीनों कंपनियों का संयुक्त दैनिक नुकसान करीब 530 करोड़ रुपये का अनुमान लगाया गया है।