उत्तराखंड सरकार ने अदाणी पावर से 25 साल के लिए बिजली खरीद को मंजूरी दी

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उत्तराखंड सरकार ने अदाणी पावर से 25 साल के लिए बिजली खरीद को मंजूरी दी

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  • Publish Date - August 25, 2026 / 07:05 PM IST,
    Updated On - August 25, 2026 / 07:05 PM IST

देहरादून, 25 अगस्त (भाषा) उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने मंगलवार को अदाणी पावर लिमिटेड से 5.746 रुपए प्रति यूनिट की दर से 25 साल के लिए 1320 मेगावाट कोयला आधारित बिजली की खरीद को मंजूरी दे दी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद राज्य के सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने संवाददाताओं को बताया कि उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लि. (यूपीसीएल) ने ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति के लिए सबसे कम की बोली लगाने वाली अदाणी पावर लिमिटेड से 1320 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीद का प्रस्ताव किया था जिसे मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी ।

उन्होंने कहा कि इसके साथ ही यूपीसीएल को कंपनी के साथ बिजली आपूर्ति समझौते (पीएसए) पर हस्ताक्षर करने, आवश्यक शर्तों को पूरा करने और उत्तराखंड नियामक आयोग (यूईआरसी) से वैधानिक मंजूरी प्राप्त करने के लिए अधिकृत किये जाने के प्रस्ताव पर भी मंत्रिमंडल ने मुहर लगा दी।

तिवारी ने बताया कि उत्तराखंड को छत्तीसगढ़ में कोयले का ब्लॉक आवंटित हुआ था जहां अदाणी पावर 1320 मेगावाट क्षमता का बिजलीघर लगा रही है। इस बिजलीघर से वर्ष 2029-30 से 1320 मेगावाट बिजली राज्य को मिलेगी।

उन्होंने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) की शाखा की स्थापना के लिए केंद्र सरकार को हरिद्वार में राजकीय मेडिकल कॉलेज की 65 एकड भूमि में से एक एकड़ भूमि को एक रुपए की वार्षिक लीज पर 99 वर्ष के लिए दिए जाने के प्रस्ताव पर भी सहमति प्रदान की।

तिवारी ने बताया कि राज्य के नगर निकायों में नदियों के किनारे अवैध रूप से बसी मलिन बस्तियों के सुव्यवस्थित विस्थापन के उद्देश्य से काठबंगला क्षेत्र में 116 आवासों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। मंत्रिमंडल ने रिस्पना नदी के किनारे बसी मलिन बस्ती में रह रहे परिवारों में से देहरादून नगर निगम द्वारा चयनित लाभार्थियों को ये आवास आवंटित किये जाने संबंधी प्रस्ताव पर भी सहमति प्रदान की है।

उन्होंने बताया कि सेवामुक्त होकर लौटने वाले अग्निवीरों को राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए एक प्रकोष्ठ की स्थापना के संबंध में मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में मंत्रिमंडल ने इस प्रस्ताव के साथ ही उसमें संविदा के आधार पर छह पदों के सृजन पर सहमति दे दी है।

इसके अलावा, एक अन्य निर्णय में मंत्रिमंडल ने राज्य के शहीद सैनिकों की मूर्तियां उनके पैतृक गांवों में स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी।

तिवारी ने बताया कि बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि अलग-अलग राज्यों की इलेक्ट्रिक वाहन नीति का अध्ययन कर लिया जाए और राज्य के लिए एक नयी ईवी नीति बनायी जाए।

भाषा दीप्ति जितेंद्र रमण

रमण