कर्मचारी नेतृत्व बदलाव को लेकर अटकलों पर ध्यान नहीं दें: चंद्रशेखरन
कर्मचारी नेतृत्व बदलाव को लेकर अटकलों पर ध्यान नहीं दें: चंद्रशेखरन
मुंबई, 12 अगस्त (भाषा) टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने बुधवार को कर्मचारियों से कहा कि वे नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चल रही अटकलों पर ध्यान नहीं दें। उन्होंने कहा कि वह फरवरी, 2027 में कार्यकाल समाप्त होने के बाद चेयरमैन पद पर फिर से नियुक्ति नहीं चाहेंगे।
चंद्रशेखरन ने दोपहर में बॉम्बे हाउस में आयोजित टाउन हॉल बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले वर्षों में कर्मचारियों से मिले प्यार और स्नेह से वह अभिभूत हैं। उन्होंने टाटा समूह के साथ अपने चार दशक के सफर को याद किया।
उन्होंने कर्मचारियों से कहा, ‘‘जैसा कि आप पढ़ चुके होंगे या जानते होंगे, फरवरी, 2027 में कार्यकाल समाप्त होने के बाद वह फिर से नियुक्ति नहीं चाहेंगे।’’
समूह के साथ 40 साल व्यतीत करने वाले 63 वर्षीय चंद्रशेखरन ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनका करियर उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाएगा। हालांकि, हर करियर का एक अंत होता है और किसी अन्य व्यक्ति को जिम्मेदारी संभालनी होगी।
बैठक में मौजूद लोगों के अनुसार, उन्होंने कहा, ‘‘टाटा एक सम्मानित नाम है और यह आप जैसे कर्मचारियों के प्रयासों की वजह से है।’’
चंद्रशेखरन ने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि टाटा समूह आगे भी प्रगति करता रहेगा और संगठन के भीतर कर्मचारियों के लिए अवसर बने रहेंगे।
उन्होंने अपने पद छोड़ने को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी प्रतिक्रिया दी और कर्मचारियों से कहा, ‘‘आप जो अफवाह, सिद्धांत और साजिश की बातें सुन रहे हैं, उन पर ज्यादा ध्यान न दें।’’
बैठक के अंत में उन्होंने व्यक्तिगत भावनाएं साझा करते हुए कहा कि वह अनौपचारिक या समूह बैठकों के बजाय कर्मचारियों को व्यक्तिगत रूप से बेहतर तरीके से जानना चाहेंगे।
बैठक से बाहर निकलते समय कर्मचारियों ने जोरदार तालियों के साथ उनका स्वागत किया।
इससे पहले बुधवार को चंद्रशेखरन ने कहा था कि वह 20 फरवरी, 2027 को मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने के बाद टाटा संस के चेयरमैन पद पर दोबारा नियुक्ति नहीं चाहेंगे। इसके साथ ही समूह की कमान संभालने का उनका नौ साल का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय उस छह महीने लंबे गतिरोध के बाद लिया गया, जब उनके प्रस्तावित पांच साल के कार्यकाल विस्तार को 24 फरवरी को हुई निदेशक मंडल की बैठक में सर्वसम्मत समर्थन नहीं मिल सका। चंद्रशेखरन ने कहा कि उन्होंने बोर्ड से जल्द ही उत्तराधिकारी तय करने को कहा है ताकि नेतृत्व बदलाव सुचारु रूप से हो सके।
भाषा रमण अजय
अजय

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