(EPF Withdrawal New Rules / Image Credit:Screeengrab)
नई दिल्ली: EPF Withdrawal Rules: सरकार ने हाल ही में EPFO 3.0 के बारे में नई जाकारी दी है जो प्रोविडेंड फंड और पेंशन सेवाओं को और अधिक तेज, आसान और पेपरलेस बनाने के लिए एक बड़ा डिजिटल बदलाव है। लोकसभा में एक सवाल के जवाब में श्रम और रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने बताया कि EPFO 3.0 का मकसद कागजी काम को कम करना, क्लेम का तेज सेटलमेंट करना और एम्प्लॉयर पर कम निर्भरता रखना है। इस सिस्टम के तहत सदस्य एक ही प्लेटफॉर्म पर अपने अकाउंट को आसानी से मैनेज कर सकते हैं।
EPFO 3.0 का सबसे बड़ा बदलाव सेंट्रलाइज्ड पेंशन पेमेंट सिस्टम (CPPS) है। सरकार ने जानकारी दी कि यह सिस्टम 1 जनवरी 2025 से पूरे EPFO दफ्तरों में लागू हो जाएगा। इसके तहत, अब पेंशन का भुगतान एक ही जगह से किया जाएगा और किसी भी शेड्यूल्ड बैंक की ब्रांच से पेंशनर इसे प्राप्त कर सकेंगे। इससे लगभग 70 लाख पेंशनर्स को राहत मिलेगी और पेंशन का तेज भुगतान सुनिश्चित होगा। इस कदम से पेंशनर्स को पहले जैसी देरी और गलतियों से निजात मिल सकेगी।
EPFO 3.0 के तहत एक और महत्वपूर्ण बदलाव ऑटो-सेटलमेंट लिमिट का बढ़ना है। अब, EPF सदस्य 5 लाख रुपये तक के क्लेम का ऑटोमैटिक निपटारा कर सकते हैं, जबकि पहले यह लिमिट 1 लाख रुपये थी। पिछले साल से लेकर फरवरी 2025 तक, 3.52 करोड़ से ज्यादा क्लेम का ऑटो-सेटलमेंट किया गया है, जिसमें से 71.37% क्लेम्स को बिना किसी हस्तक्षेप के प्रोसेस किया गया। इस सिस्टम के लागू होने से क्लेम प्रक्रिया का समय कम हो गया है, जिससे सदस्यों को जल्दी भुगतान मिल रहा है।
EPFO 3.0 के तहत एक और बड़ा बदलाव है PF ट्रांसफर प्रक्रिया का आसान होना। अब 19 जनवरी 2025 से, नौकरी बदलने पर EPF मेंबर्स को किसी भी मैन्युअल क्लेम की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके अलावा, KYC-पूरी करने वाले अकाउंट्स के लिए अब एम्प्लॉयर की मंजूरी की शर्त हटा दी गई है। इस बदलाव से 70.5 लाख से ज्यादा ट्रांसफर क्लेम अपने-आप शुरू हो गए हैं और 21.39 लाख से ज्यादा ट्रांसफर बिना एम्प्लॉयर के दखल के पूरे हो गए। इसका मतलब यह है कि अब नौकरी बदलते वक्त PF बैलेंस बिना देरी और कागजी काम के आसानी से ट्रांसफर हो सकेगा।
सरकार ने एम्प्लॉई एनरोलमेंट स्कीम 2025 की प्रगति की भी जानकारी दी। इस स्कीम के तहत 4,815 संस्थानों ने हिस्सा लिया और 39,000 से ज्यादा UAN जारी किए गए हैं। इस योजना के तहत मिलने वाले फायदे मार्च 2026 से शुरू होंगे और ये पात्रता के छह महीने बाद प्रदान किए जाएंगे।
EPS पेंशन में लंबे समय से उठ रही मांग पर सरकार ने अभी तक कोई बदलाव नहीं किया है। वर्तमान में EPS के तहत न्यूनतम पेंशन 1,000 रुपये प्रति माह है और यह फंड एम्प्लॉयर और सरकार के योगदान से चलता है। सरकार ने कहा है कि वह सोशल सिक्योरिटी को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन साथ ही फंड की स्थिरता और भविष्य की देनदारियों को ध्यान में रखते हुए संतुलन बनाए रखना जरूरी है।