Reported By: Sakshi Tripathi
,Bhopal Digital Arrest Case/AI Image
Bhopal Digital Arrest Case: मध्यप्रदेश में डिजिटल अरेस्ट के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं, ताजा मामला राजधानी भोपाल के अरेरा कॉलोनी का है, जहां साइबर ठगों ने बुजुर्ग दंपति को डिजिटल अरेस्ट कर 37.60 लाख रुपए ठग लिए। जालसाज ठगो ने खुद को मुंबई पुलिस और जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर वाट्सएप कॉल पर धमकाया और गिरफ्तारी का डर दिखाकर रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करा ली। पीड़ित बुजुर्ग मंडीदीप की एक प्राइवेट फर्म से रिटायर्ड है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार साइबर पोर्टल पर 3 मई 2026 को प्राप्त ई-जीरो एफआईआर के आधार पर प्रकरण दर्ज किया गया।
शिकायतकर्ता अरेरा कॉलोनी ई-5 निवासी 75 वर्षीय अविनाश कक्कर और उनकी पत्नी शशि ने बताया कि 30 अप्रैल को आरोपियों ने लगातार वाट्सएप कॉल कर खुद को पुलिस अधिकारी बताया और डिजिटल अरेस्ट में रखने की बात कहकर डराया। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट और सीबीआई के नाम से फर्जी दस्तावेज भी भेजे गए। दहशत में आए दंपती ने 1 मई को बैंक जाकर खाते से 37.60 लाख रुपए निकाले और आरोपियों द्वारा बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए। रकम फेडरल बैंक और इंडसइंड बैंक के खातों में भेजी गई।
पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर संदिग्ध बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, ट्रांजेक्शन डिटेल और यूटीआर नंबर की जांच शुरू कर दी है। केस डायरी साइबर क्राइम भोपाल को भेजी गई है। मामले पर भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट करने वाले आरोपी लोगों को डराकर इस घटना को अंजाम देते हैं। मामले में शिकायत दर्ज कर जांच की जा रही है।
पुलिस समय-समय पर ऐसे मामलों के लिए जनसंवाद और लोगों के बीच जाकर जागरूकता अभियान भी चला रही है। पुलिस लगातार जनता से अपील कर रही है। कोई भी सरकारी विभाग वीडियो कॉल या व्हाट्सएप्प कॉल के जरिए कभी कार्रवाई नहीं करती है। पुलिस ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि ठगो के इस प्रकार के झांसे में लोग ना आए लोग सतर्क रहे। पुलिस ने यह भी कहा किअगर कभी इस प्रकार की ठगी उनके साथ हो जाए तो तत्काल 1930 नंबर पर शिकायत दर्ज करवाए। शिकायत के आधार पर अकाउंट जिसमें वह पैसा गया है वह तुरंत ब्लॉक हो जाएगा। जिससे कि पैसा बाहर नहीं जा पाएगा।