EPFO News: EPFO ने लिया चौंकाने वाला फैसला! अब बिना क्लेम के इतने रुपये तक का बैलेंस होगा ऑटो-रिफंड, जानिए कैसे मिलेगा ये फायदा?

EPFO News: EPFO 7.11 लाख बंद खातों का 1,000 रुपये तक का बैलेंस सीधे आधार से लिंक बैंक खातों में लौटाने जा रहा है। इस ऑटो-रिफंड से कुल 30.52 करोड़ रुपये लाभार्थियों या उनके वारिसों तक पहुंचेंगे। इसके लिए किसी आवेदन की जरूरत नहीं है।

EPFO News: EPFO ने लिया चौंकाने वाला फैसला! अब बिना क्लेम के इतने रुपये तक का बैलेंस होगा ऑटो-रिफंड, जानिए कैसे मिलेगा ये फायदा?

(EPFO News/ Image Credit: Paytm)

Modified Date: February 26, 2026 / 12:25 pm IST
Published Date: February 26, 2026 11:40 am IST
HIGHLIGHTS
  • 7.11 लाख बंद EPF खातों का ऑटो-रिफंड योजना
  • 1,000 रुपये या कम बैलेंस वाले खातों के लिए आसान पैसा
  • कुल 30.52 करोड़ रुपये लाभार्थियों या वारिसों तक पहुंचेंगे

नई दिल्ली: EPFO News Today: लाखों EPFO सदस्यों के लिए बड़ी राहत की खबर है। श्रम और रोजगार मंत्रालय ने 7.11 लाख बंद यानी इनऑपरेटिव EPF खातों को निपटाने की योजना बनाई है। जिन खातों में 1,000 या उससे कम बैलेंस है, वह रकम अब बिना किसी आवेदन के सीधे खाताधारकों के बैंक खाते में भेजी जाएगी। इससे सदस्यों को EPFO दफ्तर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

छोटे और बंद खातों में रकम

रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसे छोटे और बंद खातों में करीब 30.52 करोड़ रुपये लंबे समय से बिना क्लेम के पड़े हैं। यह रकम आधार से जुड़े बैंक खातों में अपने आप ट्रांसफर की जाएगी। यदि खाताधारक का निधन हो चुका है, तो पैसा उनके नॉमिनी या कानूनी वारिस को मिलेगा।

इनऑपरेटिव EPF खाता क्या होता है?

जब किसी कर्मचारी के EPF खाते में 36 महीने तक नियोक्ता की ओर से कोई योगदान नहीं आता, तो वह खाता इनऑपरेटिव माना जाता है। अक्सर नौकरी बदलने, रिटायर होने या जानकारी न होने के कारण छोटे बैलेंस वाले खाते लंबे समय तक बिना उपयोग के पड़े रहते हैं। यह नया ऑटो-रिफंड इन्हीं खातों के लिए राहत लेकर आया है।

बड़े स्तर पर सुधार की तैयारी

सिर्फ छोटे खातों ही नहीं, बल्कि कुल 31.86 लाख बंद खातों में करीब 10,903 करोड़ रुपये पड़े हैं। फिलहाल यह अभियान छोटे बैलेंस वाले खातों से शुरू हो रहा है। भविष्य में चरणबद्ध तरीके से बाकी बंद खातों की भी समीक्षा की जाएगी, ताकि अधिकतर सदस्यों को उनके पैसे आसानी से मिल सकें।

EPFO 3.0 से होगा डिजिटल बदलाव

अगले वित्त वर्ष से EPFO 3.0 लागू करने की तैयारी है। इसके तहत कोर बैंकिंग सिस्टम (CBS) के माध्यम से सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल और तेज बनाया जाएगा। वहीं, दावा किया जा रहा है कि क्लेम सेटलमेंट का समय 20 दिन से घटकर 3 दिन से भी कम हो जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कम कागजी कार्रवाई, ज्यादा पारदर्शिता और सदस्यों को आसान सुविधा प्रदान करना है।

इन्हें भी पढ़ें:


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।