भोपाल, 25 सितंबर (भाषा) केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को कहा कि एथनॉल के इस्तेमाल से किसानों की आय बढ़ाने और पेट्रोलियम आयात पर देश की निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
गडकरी यहां मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ मध्य प्रदेश की नई सार्वजनिक बस सेवा की शुरुआत के बाद आयोजित कार्यक्रम में कहा, ‘‘आज किसान केवल हमारा अन्नदाता नहीं, बल्कि ऊर्जादाता भी है।’’
गडकरी ने कहा कि एथनॉल उत्पादन से किसानों को पहले ही फायदा हुआ है और इसके उत्पादन की शुरुआत के बाद मक्के की कीमत करीब 1,200 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर 2,600 रुपये प्रति क्विंटल हो गई। उन्होंने कहा, ‘‘यही स्वदेशी, आत्मनिर्भरता और स्वतंत्रता का अर्थ है।’’
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 100 प्रतिशत एथनॉल पर चलने में सक्षम ‘फ्लेक्स-फ्यूल’ इंजन (एथनॉल और पेट्रोल पर चलने वाले) विकसित किए जा रहे हैं और इस तकनीक वाले वाहनों को बाजार में उतारा जाएगा।
उन्होंने कहा कि भारत करीब 22 लाख करोड़ रुपये का पेट्रोलियम आयात करता है और एथनॉल, बिजली, हाइड्रोजन तथा अन्य वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के इस्तेमाल से आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करने की जरूरत है।
गडकरी ने कहा कि सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को भी बढ़ावा दे रही है। इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर पेश किए जा चुके हैं और हाइड्रोजन से चलने वाले वाहनों का विकास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं हाइड्रोजन वाहन में यात्रा करता हूं। इसका नाम मिराई है, जिसका अर्थ भविष्य है। 10 मार्गों पर हाइड्रोजन बसें शुरू की जाएंगी।’’
गडकरी ने कहा कि स्वच्छ ईंधन के इस्तेमाल से सुरक्षा से समझौता किए बिना प्रदूषण और ईंधन आयात को कम करने में मदद मिलेगी।
मंत्री ने सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में शुरू की गई नई बस सेवा विशेष रूप से गरीब वर्ग के लोगों को सुरक्षित, किफायती और जवाबदेह परिवहन सुविधा उपलब्ध कराएगी।
उन्होंने कहा, ‘‘गरीब लोगों को सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्हें एसी बसों में बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए और टिकट का किराया डीजल बसों की तुलना में 30 प्रतिशत कम होना चाहिए। यही हमारा सपना है।’’
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बसों की सुरक्षा और गुणवत्ता में सुधार के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं, जिनमें पंजीकरण से पहले कड़े परीक्षण की व्यवस्था शामिल है।
उन्होंने कहा कि दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए बसों को अधिक सुगम बनाया जाएगा और बसों की डिजाइन ऐसी होगी जिससे उन पर चढ़ना आसान हो।
गडकरी ने कहा कि सरकार पुराने वाहनों को कबाड़ में बदलने और वाहन स्क्रैपिंग तथा परीक्षण केंद्रों की संख्या बढ़ाने को भी प्रोत्साहित कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित चालकों की कमी दूर करने के लिए मध्यप्रदेश में 32 ड्राइविंग केंद्र शुरू किए गए हैं।
गडकरी ने कचरे को ईंधन में बदलने की संभावनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नागपुर में कचरे से प्रतिदिन 28 टन सीएनजी का उत्पादन किया जा रहा है और देशभर में ऐसे करीब 4,000 परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं। ऐसी परियोजनाओं से किसानों को अतिरिक्त आय अर्जित करने में मदद मिलेगी तथा आयात और प्रदूषण को कम किया जा सकेगा।
गडकरी ने कहा कि केंद्र की पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत 57,000 करोड़ रुपये के निवेश से 10,000 बसें चलाने की परिकल्पना है और इससे 45 लाख से 55 लाख रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। योजना के तहत 972 बसों को मंजूरी दी जा चुकी है।
भाषा दिमो जोहेब रमण
रमण