यूरोपीय आयोग ने भारत के साथ व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर के लिए प्रस्ताव परिषद को सौंपा

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यूरोपीय आयोग ने भारत के साथ व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर के लिए प्रस्ताव परिषद को सौंपा

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  • Publish Date - September 11, 2026 / 06:49 PM IST,
    Updated On - September 11, 2026 / 06:49 PM IST

ब्रसेल्स, 11 सितंबर (भाषा) यूरोपीय आयोग ने भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर और उसे अंतिम रूप देने के लिए अपना प्रस्ताव औपचारिक रूप से यूरोपीय परिषद को शुक्रवार को सौंप दिया। इसे महत्वाकांक्षी समझौते को लागू करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

परिषद से मंजूरी मिलने पर यह यूरोपीय संघ (ईयू) और भारत, दोनों द्वारा अब तक किया गया सबसे बड़ा व्यापार समझौता होगा।

भारत और ईयू ने जनवरी में एफटीए को अंतिम रूप देने की घोषणा की थी। यह प्रमुख वैश्विक भागीदारों के साथ भारत के आर्थिक संबंधों और व्यापारिक जुड़ाव में एक ऐतिहासिक पड़ाव है।

आयोग ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि समझौते को मंजूरी मिलने और लागू होने के बाद बाजार तक पहुंच बेहतर होगी, शुल्क कम होंगे, अनावश्यक व्यापार बाधाओं का समाधान होगा तथा ईयू तथा भारत के बीच व्यापार एवं निवेश के लिए विश्वसनीय नियम उपलब्ध होंगे।

ईयू और भारत के बीच पहले से ही हर साल 180 अरब यूरो से अधिक मूल्य की वस्तुओं व सेवाओं का व्यापार होता है, जिससे करीब आठ लाख ईयू रोजगार को समर्थन मिलता है।

विज्ञप्ति के अनुसार, इस समझौते से भारत को होने वाले ईयू के 96 प्रतिशत वस्तु निर्यात पर शुल्क समाप्त या कम हो जाएगा। कुल मिलाकर शुल्क में कमी से यूरोपीय उत्पादों पर हर साल करीब चार अरब यूरो के शुल्क की बचत होगी।

व्यापार एवं आर्थिक सुरक्षा, अंतर-संस्थागत संबंध और पारदर्शिता मामलों के आयुक्त मारोश शेफकोविच ने बयान में कहा, ‘‘यह समझौता दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं यानी दो अरब लोगों वाले बाजार और वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के करीब एक चौथाई हिस्से…को एक साथ लाता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘शुरुआत से हमारा स्पष्ट ध्यान यह सुनिश्चित करने पर रहा है कि कारोबारी और आम नागरिक इस ऐतिहासिक एफटीए के लाभ जल्द से जल्द महसूस कर सकें। समय महत्वपूर्ण है और इसी वजह से हम रिकॉर्ड समय में हस्ताक्षर और समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अपने प्रस्ताव परिषद को सौंपकर आगे बढ़ रहे हैं।’’

विज्ञप्ति में कहा गया कि भारत-ईयू एफटीए ‘‘हिंद-प्रशांत क्षेत्र में प्रमुख साझेदारों के साथ आर्थिक संबंध मजबूत करने की ईयू की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।’’

परिषद की मंजूरी मिलने के बाद समझौते के अंतिम पाठ को लागू करने से पहले यूरोपीय संसद की मंजूरी भी लेनी होगी।

भाषा निहारिका रमण

रमण