एसईजेड को घरेलू बाजार में बिक्री की छूट से आयात पर निर्भरता घटेगी: वाणिज्य सचिव

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एसईजेड को घरेलू बाजार में बिक्री की छूट से आयात पर निर्भरता घटेगी: वाणिज्य सचिव

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  • Publish Date - February 2, 2026 / 04:55 PM IST,
    Updated On - February 2, 2026 / 04:55 PM IST

नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने सोमवार को कहा कि विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) में स्थित इकाइयों को घरेलू बाजार में सामान बेचने की अनुमति देने के बजट प्रस्ताव से आयात पर निर्भरता घटेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

उन्होंने बताया कि इस घोषणा का विवरण अगले दो-तीन महीनों में जारी कर दिया जाएगा।

सरकार ने रविवार को बजट में एक विशेष उपाय के रूप में एसईजेड इकाइयों को कुछ शर्तों और मात्रात्मक प्रतिबंधों के साथ घरेलू बाजार में रियायती आयात शुल्क दरों पर अपना माल बेचने की अनुमति देने की घोषणा की है।

यह इन क्षेत्रों की लंबे समय से लंबित मांग थी, क्योंकि वैश्विक अनिश्चितताओं और श्रम-प्रधान क्षेत्रों पर भारत में उच्च आयात शुल्क के कारण वे अपने अतिरिक्त उत्पादन को घरेलू बाजार में नहीं बेच पा रहे थे।

सचिव ने कहा कि इस प्रस्ताव से अन्य देशों से आयात करने के बजाय एसईजेड इकाइयों से ही सामान खरीदने में मदद मिलेगी।

अग्रवाल ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘यह कदम आयात प्रतिस्थापन में मदद करेगा और बेहतर रोजगार सृजन सुनिश्चित करेगा। इससे घरेलू क्षेत्र की कंपनियों और एसईजेड इकाइयों के बीच प्रतिस्पर्धा के समान अवसर भी उपलब्ध होंगे।’’

उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव से चमड़ा, कपड़ा और इंजीनियरिंग जैसे सात-आठ क्षेत्रों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा, जिन पर भारत में उच्च आयात शुल्क लगता है। वर्तमान में एसईजेड से घरेलू बाजार में आने वाले माल पर भारी आयात शुल्क देना पड़ता है।

वर्तमान में, एसईजेड इकाइयों से घरेलू बाजार या घरेलू शुल्क क्षेत्र (डीटीए) में आने वाले माल पर भारी आयात शुल्क लगता है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा था कि वैश्विक व्यापार में व्यवधान के कारण एसईजेड की विनिर्माण इकाइयों में क्षमता के उपयोग को लेकर पैदा हुई चिंताओं को दूर करने के लिए, ‘‘मैं एक विशेष एकमुश्त उपाय के रूप में पात्र एसईजेड इकाइयों द्वारा घरेलू बाजार डीटीए में रियायती शुल्क दरों पर माल की बिक्री की सुविधा देने का प्रस्ताव करती हूं।’’

ऐसी बिक्री की मात्रा उनके निर्यात के एक निर्धारित अनुपात तक सीमित होगी। इन उपायों को लागू करने के लिए आवश्यक नियामकीय बदलाव किए जाएंगे, ताकि इन क्षेत्रों से बाहर काम करने वाली इकाइयों के लिए समान अवसर सुनिश्चित किए जा सकें।

अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि घरेलू उद्योगों को समान अवसर देने के लिए एसईजेड इकाइयों द्वारा घरेलू बाजार में की जाने वाली बिक्री पर एक सीमा लगाई जाएगी।

वाणिज्य सचिव ने स्पष्ट किया कि वियतनाम और बांग्लादेश जैसे देशों से जो श्रम-प्रधान वस्तुएं रियायती शुल्क पर भारत आ रही हैं, उन्हें अब देश के भीतर ही स्थित एसईजेड इकाइयों से खरीदा जा सकेगा।

भाषा सुमित प्रेम अजय

अजय